नए क्षेत्रीय कार्यालय की इमारत उनके प्रति हमारी नवीनीकृत प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा की : प्रबंध निदेशक

 


--प्रबंध निदेशक मेजर जनरल ने उप्र पूर्व सैनिक कल्याण निगम के नए क्षेत्रीय कार्यालय का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास

प्रयागराज, 15 मई (हि.स)। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (अ.प्रा.) ने शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यालय, कालिंदीपुरम प्रयागराज के नए कार्यालय का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह ने कहा कि यह बनने वाली नई इमारत केवल ईंट-पत्थर से बनी संरचना नहीं होगी, यह उन लोगों की गरिमा और कल्याण के प्रति हमारी नवीनीकृत प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा की है।

उन्होंने कहा कि अनुशासन हमारी आधारशिला है। ड्यूटी पर तैनात निगम का प्रत्येक सुरक्षाकर्मी भारतीय सशस्त्र बलों के एक राजदूत के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के लिए यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि यह नई सुविधा प्रयागराज मंडल में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण, पुनः रोजगार और प्रशासनिक सहायता के लिए एक केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

मेजर जनरल सिंह ने इस सुविधा केंद्र को शिकायतों के निवारण और सहायता के लिए ‘‘सिंगल-विंडो’’ (एकल खिड़की) केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। पूर्व सैनिकों के लिए कल्याणकारी सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाने हेतु प्रशासनिक बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिकों के साथ सीधा संवाद भी किया।

क्षेत्रीय कार्यालय के निरीक्षण के दौरान व्यापक प्रशासनिक ऑडिट किया गया। प्रबंध निदेशक को एजीएम कर्नल अनिल कुमार सिंह (अ.प्रा.) ने कार्यालय के गतिविधियों, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, भुगतान प्रसंस्करण की समय-सीमा और रोजगार प्रकोष्ठ की कार्यक्षमता से अवगत कराया। पूर्व सैनिकों के लाभों से संबंधित प्रक्रियागत देरी को शीघ्रता से निस्तारित करने के लिए कहा।

प्रबंध निदेशक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय का दौरा किया, ताकि पूर्व सैनिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए सहयोगात्मक ढांचे और संभावित सुरक्षा साझेदारियों पर चर्चा की जा सके। उन्होंने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को अनुशासित सुरक्षा कर्मी प्रदान करने में निगम की भूमिका पर जोर दिया। विद्यालय के अधिकारियों और परिसर सुरक्षा नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय संवाद किया। वर्तमान सुरक्षा तैनाती की रूपरेखा का मूल्यांकन करना और विशेष सुरक्षा भागीदारी के विस्तार की संभावनाओं को तलाशना। आधुनिक परिसर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने हेतु पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मियों के कौशल उन्नयन पर रणनीतिक चर्चाएं हुईं।

एक विशेष ‘‘सैनिक सम्मेलन’’ में मेजर जनरल सिंह ने विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को सम्बोधित भी किया। उन्होंने कहा कि नवीनतम सरकारी मानदंडों के अनुसार समय पर वेतन, ईपीएफ और बीमा लाभ प्रदान करने के प्रति निगम की प्रतिबद्धता की पुनरावृत्ति। सैन्य अनुशासन के उन उच्च मानकों को बनाए रखने का आह्वान, जिनके लिए निगम जाना जाता है। नई पहल कर्मचारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की शुरुआत, ताकि उनके पेशेवर विकास को सुनिश्चित किया जा सके। अनुशासन का कड़ाई से पालन, लापरवाही के प्रति ‘‘शून्य सहनशीलता’’ और सैन्य-स्तरीय सतर्कता बनाए रखना। इस अवसर पर क्वाडिनेटर अंजनी कुमार सिंह, राम प्रकाश, रवि शंकर सिंह, बृजेश कुमार, एचएलटी प्रकाश नारायण पाण्डेय, प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील कुमार उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र