उप्र में तेज बारिश का दौर जारी, नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर

 


उफनाई मंदाकिनी के चलते रामघाट के निचले इलाकों में फिर घुसा पानी, प्रयागराज में गंगा-यमुना का दबाव बढ़ा

लखनऊ, 01 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बुंदेलखंड और पूर्वांचल में चिंता बढ़ा दी है। अगले 24 घंटे में बांदा, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर नगर, कौशांबी, मिर्जापुर, प्रयागराज और सोनभद्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सबसे ज्यादा चिंता चित्रकूट को लेकर है, जहां तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी फिर उफान पर है और रामघाट समेत निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। प्रशासन घरों में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के साथ ही राहत शिविरों में पहुंचाते हुए खानपान समेत सभी व्यवस्थाओं को तेजी से कराने में जुटा हुआ है।

इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों में बांदा, बाराबंकी, फतेहपुर, हमीरपुर, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है।

चित्रकूट में मंदाकिनी ने बढ़ाई चिंता

चित्रकूट में तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। रामघाट और आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई दुकानों और मकानों में जलभराव की स्थिति बनी है। कामतानाथ जाने वाले रास्ते पर भी पानी भरने की सूचना है।

बीते दिनों भी मंदाकिनी के उफान से रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। अब फिर भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

एक सितंबर की सुबह आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर बताया गया है। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर लगे गेज के कारण जलस्तर के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।

लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण अगले 24 घंटे दक्षिणी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेषकर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में बारिश के प्रभाव को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की अपील की है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का दबाव

प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

चंदौली में चेतावनी बिंदु के करीब गंगा

चंदौली में गंगा का जलस्तर 70.07 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। मिर्जापुर में भी गंगा बढ़ाव पर है। तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क है। भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए चंदौली और सोनभद्र में कक्षा आठ तक के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

बांदा-फतेहपुर में यमुना-केन पर नजर

बांदा में यमुना और केन नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। फतेहपुर में यमुना के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है। अगले 24 घंटे में होने वाली बारिश से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

पांच सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार एक से पांच सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में चित्रकूट, प्रयागराज, बांदा, फतेहपुर, मिर्जापुर और चंदौली में अगले 24 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। लगातार बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा