प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में हो रही बारिश, 27 सितंबर तक भारी बारिश के आसार

 


-26 सितंबर को कुछ जिलों में अति भारी वर्षा की संभावना, 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं झोंकेदार हवाएं -बाढ़ और वज्रपात को लेकर भी माैसम विभाग ने सतर्क रहने की दी सलाह

लखनऊ, 25 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले लिया है। आगामी तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गयी है। गुरुवार से शुरू हुई बारिश रुक-रुक हाे रही है। शुक्रवार शाम मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट में अगले 48 घंटे तक तक तेज बारिश की संभावना जताई गयी है।

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने 25 से 29 सितंबर तक बारिश का प्रभावी पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 25 से 27 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है। कुछ जिलों में अतिवृष्टि की भी संभावना है। बारिश के साथ तेज हवाएं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर को सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीरनगर, बस्ती, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर के साथ ही हरदोई, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

27 सितंबर को भी बारिश का बना रहेगा असर

श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, शाहजहांपुर, संभल, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, बदायूं और आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर और अयोध्या समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

प्रयागराज समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग ने 26 सितंबर को दोपहर 1:30 बजे तक आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी भी जारी की है। आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, संत कबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी समेत कई जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों को नुकसान, पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने तथा सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और खेतों में पानी भरने की भी संभावना है।

किसानों को फसलों की सुरक्षा की सलाह

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार मानसून की विदाई से पहले वातावरण में पर्याप्त नमी और स्थानीय चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण मौसम में बदलाव की स्थिति बनी है। इससे मध्य, पूर्वी और तराई के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी है। उन्होंने खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा किसानों को कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और तेज हवा-बारिश के दौरान फसल को सहारा देने की सलाह दी है। धान, गन्ना, अरहर, मक्का, मूंगफली, तिल, उड़द, सोयाबीन, तोरिया, सब्जियों, आम, केला और पपीता जैसी फसलों पर तेज बारिश और हवा का असर पड़ सकता है। बागवानी फसलों में पेड़ों की शाखाएं टूटने और फल गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि चेतावनी का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। वर्तमान दौर में सबसे अधिक सावधानी 25 से 27 सितंबर के बीच बरतने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल