नल लगा देने से नहीं चलेगा काम, घर तक पानी पहुंचाना होगा : अनुप्रिया पटेल
- कनेक्शन से छूटे परिवार टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
- गांवों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रशिक्षित महिलाओं को सक्रिय करने पर जोर
- 31 अगस्त तक नगरीय क्षेत्र की परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश
मीरजापुर, 18 अगस्त (हि.स.)। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने के बाद अब केंद्रीय राज्यमंत्री एवं जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल ने पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर निगाहें टिका दी हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि कागजों में कनेक्शन की संख्या बढ़ाने से काम पूरा नहीं माना जाएगा। गांव के आखिरी घर तक नियमित और साफ पानी पहुंचना ही योजना की असली सफलता है।
बैठक में कई स्थानों पर कनेक्शन न मिलने और पाइपलाइन में खराबी के कारण पानी की आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों पर मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लीकेज, टूटी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत में देरी न हो। साथ ही जिन परिवारों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव टोल फ्री नंबरों का प्रचार कराने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर टोल फ्री नंबरों की वाल पेंटिंग कराई जाए। ग्रामीण 18001212164, 1912 और 1076 पर शिकायत या कनेक्शन से संबंधित आवेदन दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ट्यूबवेल ऑपरेटर के पास उपलब्ध रजिस्टर में भी आवेदन दर्ज कराया जा सकेगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों के अलावा जल निगम ग्रामीण एवं नगरीय तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
1609 गांवों में पहुंची पाइपलाइन
अधिकारियों ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत नौ परियोजनाओं पर छह एजेंसियां काम कर रही हैं। 1609 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष अब तक 10,525 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 1573 गांवों में ग्राम प्रधानों की ओर से कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी दिया जा चुका है। वहीं 3,11,056 घरेलू कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले 3,10,295 घरों को कनेक्शन दिए जाने की जानकारी दी गई।
मंत्री ने कहा कि पाइपलाइन और कनेक्शन का आंकड़ा तभी मायने रखता है, जब ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिले। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सत्यापन और खराब पाइपलाइनों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
पानी की जांच में महिलाओं की अहम भूमिका
पेयजल की गुणवत्ता पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी 1609 गांवों में पांच-पांच महिलाओं को पानी की जांच के लिए प्रशिक्षित किया गया है और उन्हें फील्ड टेस्टिंग किट दी गई है। अनुप्रिया पटेल ने प्रशिक्षित महिलाओं की सूची और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर पानी की जांच हो और आवश्यकता पड़ने पर थर्ड पार्टी से भी गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए।
802 जल मित्र संभालेंगे छोटी खराबियां
जल जीवन मिशन के तहत जिले में 802 जल मित्रों का चयन किया गया है। इनकी जिम्मेदारी गांवों में पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के साथ छोटी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान में होगी। मंत्री ने प्रत्येक गांव में जल मित्रों के चयन और प्रशिक्षण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले की 446 ग्राम पंचायतों में जल अर्पण कार्यक्रम भी कराया जा चुका है।
एप से होगी योजनाओं की निगरानी
बैठक में जल सारथी एप के जरिए पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लालगंज क्षेत्र के बेलहा, गांदपुर, मोहनपुर भवरख और सिकंदरपुर मठना सहित विभिन्न गांवों में चल रहे कार्यों की जानकारी एप के माध्यम से ली गई। अधिकारियों ने बताया कि एप से योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
चुनार के लिए 126.85 करोड़ की योजना
नगरीय पेयजल योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि मीरजापुर नगर पालिका क्षेत्र में पांच परियोजनाओं में दो पूरी हो चुकी हैं और तीन पर काम चल रहा है। अहरौरा और कछवां में भी एक-एक परियोजना निर्माणाधीन है। चुनार नगर पालिका के लिए 126.85 करोड़ रुपये की पेयजल योजना के अनुमोदन की जानकारी दी गई। वहीं मीरजापुर के पक्का पोखरा वार्ड में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए 14.03 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है।
नगर क्षेत्र में कार्यों की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय को 31 अगस्त तक कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेताया कि समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा