मानसून सत्र : विधान सभा में मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ प्रदर्शन करने वाले सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निलंबित
लखनऊ, 04 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान सभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इंजी. सचिन यादव ने मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर लेकर बेल में विरोध प्रदर्शन किया। विधान सभा अध्यक्ष के बार-बार रोकने और समझाने के बावजूद सदस्य ने पोस्टर लहराना बंद नहीं किया। इस पर अध्यक्ष ने विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
यूपी विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायक राम मंदिर में दान चोरी के मुद्दे पर हंगामा करने लगे। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने नियम 311 के तहत सदन में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर पीठ से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह ऐसा तात्कालिक मुद्दा नहीं है जिसपर सदन की अन्य कार्यवाही रोककर चर्चा कराई जाए।
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 1990 में इनकी (सपा) आस्था देखी है। राम भक्तों पर इन लोगों ने गोली चलवाई। इन लोगों ने राम मंदिर निर्माण में रुकावट के लिए हर प्रयास किये। पीठ की ओर मुखातिब खन्ना ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसलिए इस मुद्दे पर सदन में यहां चर्चा नहीं की जा सकती। जिन लोगों ने राम को कभी नहीं माना, वे आज राम मंदिर में आस्था दिखा रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी पार्टी के सदस्यों को बहुत समझाने की कोशिश की। इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहा। करीब 11:10 बजे विधान सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12:20 बजे तक स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही दोबारा से 12:20 बजे शुरू हुई। बेल में पहले से बैठे सपा के सदस्य एक बार फिर नारेबाजी करने लगे। सपा के सदस्यों के हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखे हुए पोस्टर थे। विधायक सचिन यादव के हाथों में मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर वाला पोस्टर था। विधान सभा अध्यक्ष ने सचिन यादव का नाम लेकर उन्हें कई बार रोका। समझाते हुए अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर इस प्रकार सदन में नहीं लहरा सकते। यह सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। कई बार उन्होंने विधायक से प्रदर्शन रोकने को कहा लेकिन वह नहीं मानें। इस पर अध्यक्ष ने विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद वह फिर से धरने पर बैठे। इसी हंगामे के बीच विधायी कार्य निपटाए गए और संशोधन विधेयक पारित किए गए। इसके साथ ही विधान सभा की कार्यवाही बुधवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
यह विधेयक हुए सदन में पेश
-उप्र राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 -उप्र राजस्व संहिता ( द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026-उप्र लोकसेवा (अधिकरण) (संशोधन) विधेयक 2026-उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 2026-उप्र निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026-उप्र निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026-उप्र निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) विधेयक 2026-उप्र निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) विधेयक 2026-भारतीय स्टाम्प (उप्र संशोधन) विधेयक 2026-रजिस्ट्रीकरण (उप्र संशोधन) विधेयक 2026-उप्र वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय विधेयक 2026
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला