हिनौता में गूंजेगा सनातन का स्वर, 11 मई को पहुंचेगे शंकराचार्य
मीरजापुर, 09 मई (हि.स.)। राजगढ़ क्षेत्र के प्राचीन हनुमान मंदिर हिनौता में 11 मई को शाम पांच बजे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। मंदिर परिसर और गांव में स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
आयोजकों ने बताया कि धर्म रक्षा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से निकाली जा रही गविष्ठ यात्रा के तहत शंकराचार्य का आगमन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पादुका पूजन, आशीर्वचन और प्रसाद वितरण किया जाएगा। ग्रामीण मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सजावट में जुटे हैं। मंदिर को फूल-मालाओं, झालरों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया जा रहा है। महिलाएं मंगल गीतों की तैयारी कर रही हैं, जबकि युवा श्रद्धालुओं के स्वागत और व्यवस्थाओं में लगे हैं।
आयोजक शैलेश पटेल ने कहा कि यह आयोजन सनातन संस्कृति को मजबूत करने और समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि जगद्गुरु के उपदेश लोगों को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम संयोजक कमलेश पाठक, शैलेश पटेल, विजेंद्र यादव समेत क्षेत्र के लोगों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा