अर्नब चक्रवात से वाराणसी में थमी जनजीवन की रफ्तार, 24 घंटे से अधिक समय से हो रही बूंदाबांदी
तापमान में साढ़े आठ डिग्री की गिरावट, गंगा घाटों पर कम हुई चहल-पहल,शुक्रवार से चक्रवात का असर कम होने के आसार
वाराणसी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और आसपास के जिलों में अर्नब चक्रवात का असर लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी देखने को मिला। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से हो रही लगातार बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। आसमान में छाए बादलों और ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम के समय लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है और पारा तेजी से नीचे लुढ़का है।
शुक्रवार सुबह 10 बजे वाराणसी में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी के साथ आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को दिन का तापमान 24.5 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह 10:30 बजे दृश्यता 85 प्रतिशत और आर्द्रता 93 प्रतिशत दर्ज की गई। अर्नब चक्रवात के प्रभाव से गुरुवार की पूरी रात बारिश होती रही। इसके चलते महज एक दिन में तापमान में करीब साढ़े आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री कम होकर 24.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। लगातार बारिश और बादलों की वजह से मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
बारिश का असर शहर की दिनचर्या के साथ पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा है। गंगा घाटों पर सुबह के समय आम दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल रही। हालांकि, प्रतिकूल मौसम के बावजूद नियमित श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचते रहे। वहीं, सुबह बनारस की अलौकिक छटा निहारने पहुंचे पर्यटकों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से निराशा हाथ लगी।
मौसम के अचानक बदले मिजाज को लेकर शहर की चाय-पान की दुकानों पर भी चर्चा होती रही। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश को मौसम में आए बदलाव की प्रमुख वजहों के रूप में देखा जा रहा है।
इस संबंध में वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अर्नब चक्रवात का प्रभाव शुक्रवार से कम होने लगेगा। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति में लौट आएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी