सुलह एवं समझौते के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों का होगा निस्तारणः राजीव मुकुल पाण्डेय

 

वाराणसी, 22 जून (हि. स.)। न्याय को सरल, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से आम जन तक पहुंचाने तथा आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से विवादों का शांतिपूर्ण निस्तारण पर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने जोर दिया है । इसके लिए मुख्य न्यायाधीश , सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में समाधान समारोह, 2026 के अंतर्गत संपूर्ण भारत वर्ष में विशेष लोक अदालत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जायेगा। यह जानकारी सिविल जज(सी0डि0)/पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी, राजीव मुकुल पाण्डेय ने दी।

उन्होंने बताया कि जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला के निर्देशन में न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इस आयोजन में ऐसे वाद जो सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है तथा जिनमें समझौते की संभावना है, उन्हें आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारित किये जाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने बताया कि समाधान समारोह, 2026 का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना ही नहीं बल्कि पक्षकारों के मध्य आपसी संबंधों को बनाये रखते हुए त्वरित सस्ता एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना भी है। विशेष लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी तथा समय एवं धन दोनों की बचत होगी। समाधान समारोह, 2026 (विशेष लोक अदालत) में पक्षकारों को शामिल होने के अगली प्री-सिटिंग की तिथि 25 जून, 30 जून एवं तीन जुलाई 2026 निर्धारित की गयी है। पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता के लिए बैठक जनपद न्यायालय वाराणसी परिसर स्थित ए0डी0आर0 सेन्टर के मीडियेशन हॉल में किया जायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी