वाराणसी के महापौर ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार, 25 हजार करोड़ की लागत से 89 किमी लंबा बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

 


-केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी, महापौर ने जताया प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार

वाराणसी, 15 जून (हि. स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी के विकास के इतिहास में एक और नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। 25 हजार 445 करोड़ रुपये की लागत से करीब 89 किलोमीटर लंबे गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल काशी की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए शहर को ट्रैफिक जाम के झंझट से पूरी तरह मुक्त कर देगा। इस अभूतपूर्व सौगात के लिए नगर निगम और समस्त काशीवासियों की ओर से बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने देश के प्रधानमंत्री एवं स्थानीय सांसद नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि काशी की दिव्य और भव्य पहचान को संवारने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान अद्वितीय है। गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर काशी के इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साबित होगा। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी बल्कि रोजगार, व्यापार और पर्यटन को दोगुनी रफ्तार देगी। इस भव्य परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला वरुणा लिंक कनेक्टर कॉरिडोर है जो लगभग 21.153 किलोमीटर लंबा और फोर-लेन होगा। यह नेशनल हाईवे-31 को सीधे रिंग रोड से जोड़ेगा। वहीं, गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर सिक्स-लेन का होगा। यह एनएच-19 को रिंग रोड से जोड़ते हुए शहर के लिए नई लाइफलाइन बनेगा। इसके बन जाने से चंदौली, मीरजापुर, गाज़ीपुर, लखनऊ और बिहार की तरफ से आने वाले भारी वाहन शहर के मुख्य चौराहों में फंसे बिना, बाहर से ही अपने गंतव्य को निकल सकेंगे। इससे शहर के आंतरिक रास्तों पर गाड़ियों का दबाव 60 से 70 फीसदी तक कम हो जाएगा। काशी में हर साल करीब 15 करोड़ से अधिक पर्यटक और तीर्थयात्री बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा घाटों को देखने आते हैं। इस नए कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा इन्हीं श्रद्धालुओं को मिलेगा। लखनऊ, प्रयागराज या जौनपुर की तरफ से आने वाले लोग बिना शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों (जैसे गोदौलिया या लंका) में प्रवेश किए, सीधे नमो घाट, सामने घाट और काशी विश्वनाथ धाम के नजदीकी पॉइंट तक पहुंच सकेंगे। कॉरिडोर पर गाड़ियों की रफ्तार तेज होने से यात्रा का समय 60 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी