वाराणसी में 1,004 आवासीय भूखंडों एवं आधुनिक सुविधाओं के साथ आकार ले रही पहली गेटेड सिटी “आनंद काशी”
वाराणसी विकास प्राधिकरण कल्लीपुर में “आनंद काशी आवासीय योजना (फेज-1)” कर रही विकसित
वाराणसी, 21 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी विकास प्राधिकरण जनपद के कल्लीपुर क्षेत्र में अपनी पहली गेटेड सिटी “आनंद काशी आवासीय योजना (फेज-1)” विकसित कर रही है। परियोजना में विकास कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। लगभग 4,56,398.69 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी आवासीय योजना में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के साथ सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल नगरीय विकास की अवधारणा को साकार किया जा रहा है।
परियोजना के पहले चरण में कुल 1,004 आवासीय प्लॉट, 3 ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, 1 शैक्षणिक भूखंड, 1 हेल्थकेयर भूखंड, 1 कम्युनिटी सेंटर, 2 यूटिलिटी भूखंड तथा हरित क्षेत्र के 18 पैच विकसित किए जाएंगे। आवासीय भूखंड चार प्रमुख श्रेणियों—72 वर्ग मीटर, 162 वर्ग मीटर, 200 वर्ग मीटर एवं 288 वर्ग मीटर में विकसित किए जा रहे हैं। आनंद काशी टाउनशिप में बेहतर आवागमन एवं आधुनिक नगरीय सुविधाओं के लिए 24, 18, 12 एवं 9 मीटर चौड़ी सड़कों का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत व्यवस्था, वर्षा जल निकासी एवं अन्य आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का विकास विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। इस टाउनशिप में लगभग 2 हेक्टेयर ( 4.94 एकड़) क्षेत्रफल में केंद्रीय पार्क विकसित किया जा रहा है, जो आनंद काशी का प्रमुख हरित एवं आकर्षक केंद्र होगा। पार्क के केंद्र में भव्य नटराज प्रतिमा एवं जल फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा के साथ ओपन लॉन, एम्फीथिएटर, चिल्ड्रन प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, सीनियर सिटीजन जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक एवं पैदल पथ जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पार्क के चारों ओर पैदल-अनुकूल मार्केट प्लाजा एवं व्यावसायिक सुविधाएं तथा टाउनशिप से जुड़ने के लिए 4 प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार भी प्रस्तावित हैं।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को विशेष प्राथमिकता देते हुए योजना की बाउंड्री के समीप स्थित लगभग 3.71 एकड़ क्षेत्रफल में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया है। काशी की सांस्कृतिक एवं वैदिक विरासत की अवधारणा पर आधारित इस योजना में न्यूनतम 15 प्रतिशत क्षेत्रफल को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें मियावाकी वन जैसी पर्यावरणीय पहलें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार, आनंद काशी आवासीय योजना (फेज-1) प्राधिकरण की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे आधुनिक नगरीय सुविधाओं, सुव्यवस्थित आवासीय विकास एवं पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। लगभग 30 वर्षों के उपरांत विकसित की जा रही प्राधिकरण की पहली समेकित गेटेड सिटी के रूप में यह योजना काशी की सांस्कृतिक एवं वैदिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ते हुए एक सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि योजना का रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में है तथा माह के अंत तक पंजीकरण प्रक्रिया प्रारम्भ किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी