वाराणसी में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बने होटलों के खिलाफ वीडीए ने चलाया अभियान,13 होटल सील
—आवासीय इलाकों में बने होटलों से क्षेत्रीय नागरिकों को आवागमन में हो रही थी परेशानी
वाराणसी, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में हाल के वर्षो में पर्यटकों के रिकार्ड तोड़ आगमन को देख शहर के आवासीय इलाकों में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) में बिना मानचित्र स्वीकृति के ही होटल और गेस्ट हाउस खुल रहे है। अब ऐसे होटलों और गेस्टहाउसों के खिलाफ वीडीए ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर अफसरों ने सोमवार शाम तक बुद्ध विहार आवासीय कालोनी में एक साथ 13 होटलों को सील कर दिया। वीडीए की इस बड़ी कार्रवाही से होटल संचालकों में हड़कम्प मच गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित भवन स्वामियों ने या तो आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत मानचित्र के विपरीत होटल संचालन शुरू कर दिया था अथवा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के ही व्यावसायिक निर्माण कर लिया था। इन भवनों में होटल गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि आवश्यक अनुमति और मानकों का पालन नहीं किया गया था।
वीडीए के अनुसार, बुद्ध विहार एक आवासीय कॉलोनी है, जहां बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के होटल संचालित किए जा रहे थे। इससे स्थानीय नागरिकों को यातायात जाम, अवैध पार्किंग, ध्वनि प्रदूषण और बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अधिकारियों ने यह भी माना कि ऐसी स्थिति में आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर अग्निशमन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है, जो जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ होटल संचालकों ने सराय एक्ट की धारा 4/5 के तहत कथित रूप से फर्जी और कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर लाइसेंस प्राप्त किया था। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए वीडीए ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित होटलों को सील कर दिया। सील किए गए होटलों में होटल किरन पैलेस, होटल A-ZURE, होटल Four Leaf, होटल Xedic Roots, स्टे इन काशवी, ट्रस द्वारा भूतल पर निर्मित नया होटल, होटल रियो बनारस, होटल Zion Inn, होटल पार्क प्लाज़ा, होटल सिल्क सिटी, होटल हॉलिडे इन, होटल स्कायर इन तथा कम्फर्ट इन बनारस शामिल हैं।
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा व्यावसायिक उपयोग नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही किया जाए। अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के तहत पर्याप्त पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, न्यूनतम सड़क चौड़ाई, भू-उपयोग की संगतता और अन्य आधारभूत मानकों की पूर्ति होने पर आवासीय क्षेत्रों में भी होटल एवं गेस्ट हाउस संचालन के लिए मानचित्र स्वीकृति का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया गया है तथा पात्र मामलों में सात दिनों के भीतर मानचित्र स्वीकृत किए जा रहे हैं।------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी