वाराणसी रोहनियां के 13 वार्डों की सूरत बदलने की तैयारी, 1400 करोड़ से बिछेगा सीवर लाइनों का जाल
— महापौर के पहल पर जलनिगम ने शासन को भेजा 1400 करोड़ का विस्तृत प्रस्ताव
वाराणसी, 14 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम ने अपने नव विस्तारित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शहरी विस्तार वाले इलाकों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए महापौर अशोक कुमार तिवारी की पहल पर रोहनियां विधानसभा क्षेत्र के 13 वार्डों में सीवर व्यवस्था विकसित करने के लिए जल निगम द्वारा लगभग 1400 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन क्षेत्रों में जलनिकासी की वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद प्रबल हो गई है।
नगर निगम के जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना से लगभग तीन लाख की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। नगर निगम चरणबद्ध तरीके से नव विस्तारित वार्डों को भी मुख्य शहर की तर्ज पर आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है।
महापौर के निर्देश पर जल निगम ने रोहनियां विधानसभा क्षेत्र के कंदवा, करौंदी, डाफी, सुसुआही, नासिरपुर, चितईपुर, भगवानपुर, छित्तूपुर, कंचनपुर, ककरमत्ता, लहरतारा, शिवदासपुर और मंडुवाडीह क्षेत्रों के लिए आगामी 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीवर योजना तैयार की है।
इन इलाकों में अनियोजित कॉलोनियों के कारण अब तक सीवर और ड्रेनेज की स्थिति बेहद खराब रही है। प्रस्तावित योजना के अंतर्गत मुख्य सीवर लाइन के साथ-साथ मोहल्लों में ब्रांच लाइनों का निर्माण भी किया जाएगा। शासन से बजट की स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर जमीनी स्तर पर कार्य आरंभ किया जाएगा।
परियोजना के पूर्ण होने से जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी, जो वर्तमान में बरसात के मौसम में लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। सुव्यवस्थित सीवर सिस्टम से सड़कों पर बहने वाले गंदे पानी से निजात मिलेगी और संक्रामक बीमारियों के खतरे में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। नगर निगम का स्पष्ट लक्ष्य है कि शहर के विस्तारित वार्डों को भी आधुनिक, सुरक्षित और स्वच्छ बुनियादी ढांचे से जोड़ा जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी