बनारस रेल इंजन कारखाना में दो अधिकारी सहित दस कर्मचारी हुए सेवानिवृत
सेवानिवृत्ति नौकरी से विदाई है, जीवन से नहीं: महाप्रबंधक
वाराणसी, 31 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में माह अगस्त के अन्तिम दिन सोमवार को दो अधिकारियों के साथ दस कर्मचारी भी सेवानिवृत हो गए। सेवानिवृत्त हुए अफसरों और कर्मचारियों के सम्मान में प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की। इस अवसर पर उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को फोल्डर प्रदान कर सम्मानित किया।
इस दौरान महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि “सेवानिवृत्ति नौकरी से विदाई है, जीवन से नहीं, बल्कि जीवन के नए और सार्थक अध्याय की शुरुआत है।” उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सुखी एवं शांतिपूर्ण जीवन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य, शरीर की देखभाल, परिवार, वित्तीय प्रबंधन तथा सामाजिक सरोकारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने वाराणसी जैसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक शहर में जीवन बिताने को सौभाग्य बताया। उन्होंने आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक चेतना एवं अच्छे कार्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया। साथ ही जीवन में मिली उपलब्धियों और अवसरों के लिए ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त संजय पीसे एवं सहायक वित्त सलाहकार रमा शंकर जायसवाल सहित अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, संस्मरण एवं प्रेरक प्रसंग साझा किए। तथा बरेका को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। समारोह में प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार ने सेवानिवृत्त कर्मियों के दीर्घ सेवाकाल एवं अनुभवों की सराहना की। मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल माबूद ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, व्यायाम, संतुलित आहार एवं शरीर की देखभाल को प्राथमिकता देने की सलाह दी। कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार यादव ने सभी के सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी