सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक : प्रो. बिहारी लाल

 


संम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के शिवालय में रुद्राभिषेक

वाराणसी, 11 मई (हि.स.)। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में साेमवार काे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत राज्य स्तरीय/ज्योतिर्लिंग एक विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में रूद्राभिषेक कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता, सनातन चेतना एवं आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक है। भगवान शिव की आराधना एवं वैदिक मंत्रोच्चार हमारी प्राचीन ज्ञान परम्परा की जीवंत धरोहर हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति, वैदिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से आत्मीय रूप से जुड़े।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक परम्पराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर स्थित शिवालय में वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक, शिवस्तुति तथा विभिन्न वैदिक मंत्रों का सामूहिक जाप किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संकाय प्रमुख प्रो. रमेश प्रसाद ने की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव भारतीय अध्यात्म, तप, करुणा एवं लोकमंगल की महान परम्परा के प्रतीक हैं। रुद्राभिषेक एवं वैदिक मंत्रोच्चार जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा से जुड़ने का माध्यम हैं।

कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन डॉ. रविशंकर पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अतिथि अध्यापक डॉ. बालेश्वर झा, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. पूनम, स्वामी विष्णु बल्भानन्द सहित विभाग के विद्यार्थी भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी