ससंविवि के दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक विजेताओं के अभिभावकों का भी होगा सम्मान
वाराणसी, 12 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 30 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाला 44वां दीक्षांत समारोह इस बार स्वर्णपदक पाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए खास और यादगार रहेगा।
दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं उनके महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को मंच पर आमंत्रित कर विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा के अनुसार 44वाँ दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं,बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत की गौरवशाली विरासत और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता का भी राष्ट्रीय मंच होगा।
रविवार को कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके लिए गठित विभिन्न समितियों की व्यापक समीक्षा बैठक भी हो चुकी है। समारोह की प्रत्येक व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए सभी समितियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समारोह की समस्त व्यवस्थाओं, अतिथियों के स्वागत, शॉल एवं स्मृति-चिह्न, स्वर्ण पदक समिति, उपाधि एवं परिधान समिति, उपाधि-पत्र वितरण, डिग्री एवं अंकपत्रों की सुरक्षित व्यवस्था, मुद्रण एवं संशोधन, वीडियो एवं फोटोग्राफी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, उपवेशन व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, परिसर की कटाई-छंटाई तथा अन्य सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
दीक्षांत समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित चित्रकला, निबंध, पुस्तक पठन, पारंपरिक खेल तथा अन्य प्रतियोगिताओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि मुख्य समारोह में देशभक्ति गीतों एवं पूर्वांचल के पारंपरिक लोकनृत्य की मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी