वाराणसी : सीवर में बोरा मिलने का प्रकरण गरमाया, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सीवर का ढक्कन हटवा कर पड़ताल की
बोले—नौ दिन बाद भी सीवर में बोरा डालने वाले दोषी गिरफ्तार नहीं, स्मार्ट सिटी के लगे कैमरों से फुटेज निकालने की मांग
वाराणसी, 21 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सीवर में बोरा मिलने का प्रकरण सोमवार को फिर गरमा गया। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने स्थानीय प्रशासन और महापौर को निशाने पर लेकर अग्रवाल रेडियो चौराहा, शिवाला पहुंच कर मौके की वास्तविक स्थिति देखी। तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर सीवर, जलनिकासी और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने सीवर का ढक्कन हटवा कर पड़ताल की और साजिश के तहत विपक्ष पर लगाये जा रहे आरोपों पर पलटवार भी किया। उन्होंने सीवर में बोरा डालने के मामले में अब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा और स्मार्ट सिटी के लगे कैमरों से फुटेज निकालने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नौ दिन बाद भी सीवर में बोरा डालने वाले दोषी गिरफ्तार नहीं हुए, जनता के सामने सच्चाई लाए डबल इंजन की सरकार। सच्चाई सामने नहीं आई तो प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय का घेराव किया जाएगा और जबाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज इस प्रकरण को नौ दिन हो गए हैं। जलकल विभाग की ओर से तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक सीवर में बोरा डालने वाले दोषी पकड़े नहीं गए हैं। न तो दोषियों की पहचान हुई और न ही जनता के सामने इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आई है। आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? प्रदेश सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस की बात करती है। यदि वास्तव में कानून का राज और जीरो टॉलरेंस है तो सीवर में बोरा डालने वालों को नौ दिन बाद भी क्यों नहीं पकड़ा गया? जिस स्थान पर घटना हुई, वहां स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आसपास के कैमरों की फुटेज तत्काल चेक कर यह पता लगाया जा सकता है कि बोरा कौन लेकर आया और सीवर में किसने डाला।
सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय सीसीटीवी फुटेज सामने रखनी चाहिए। यदि किसी ने जानबूझकर सीवर में बोरा डाला है तो उसे गिरफ्तार किया जाए और यदि किसी पर लगाए गए आरोप गलत हैं तो उसकी सच्चाई भी जनता के सामने रखी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के किए काशी की जनता से झूठ बोली और यह बोरी की साज़िश निश्चित रूप से भाजपा के इवेंट का हिस्सा है । यह वह हिस्सा है जिसके तहत जनता को भ्रमित किया जाए लेकिन हम कांग्रेसजन सच्चाई को सामने ला कर रहेंगे। इस दौरान पार्टी के नेता सतनाम सिंह , अरुण सोनी , वकील अंसारी,चंचल शर्मा,प्रवीण प्रकाश ,सुनील श्रीवास्तव , संतोष चौरसिया , मिथुन सरदार , प्रमोद वर्मा , गोपाल चौबे , सदानंद तिवारी , अफसर ख़ान आदि भी मौजूद रहे।
——भाजपा सरकार का “स्मार्ट सिटी” मॉडल सिर्फ़ कागजी दावों और ड्रामेबाज़ी तक सीमित
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इस प्रकरण में भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार का “स्मार्ट सिटी” मॉडल सिर्फ़ कागजी दावों और ड्रामेबाज़ी तक सीमित होकर रह गया है! वाराणसी के वार्ड नं.-75 (शिवाला, अग्रवाल रेडियो चौराहा) में सीवर लाइन का जायजा लिया। भाजपा द्वारा सीवर लाइन से बालू की बोरी निकालने का बेतुका दावा जनता को गुमराह करने और अपनी प्रशासनिक नाकामी को छिपाने की एक और नाकाम कोशिश है। सालों से न तो सीवर व्यवस्था सुधरी है और न ही जनता को जलजमाव व बदबू से राहत मिली है। काशी की जनता अब इन झूठे दावों और नौटंकी को भली-भांति समझ चुकी है। सरकार बहानेबाज़ी बंद करे, अविलंब सीवर की उचित सफ़ाई कराकर क्षेत्रीय जनता को राहत दे और इस लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे!
बताते चले , शिवाला क्षेत्र में नगर निगम की जांच में शिवाला क्षेत्र के सीवर से 12 बोरी बालू मिली थी। शहर के दूसरे इलाकों में भी सीवर के अंदर बोरियों में मलबा, बुरादा और ईंट-पत्थर मिलने की बात सामने आई थी। नगर निगम ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। कांग्रेस ने इसी मामले को लेकर नगर निगम पर सवाल उठाए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी