शरद पूर्णिमा पर काशी में मां महालक्ष्मी की आराधना, श्री यंत्र स्थापना से गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार

 


—21 वैदिक विद्वानों ने कराया पूजन, सहस्रार्चन और हवन

वाराणसी, 25 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर वेद पारायण केन्द्रम न्यास की ओर से आयोजित दो दिवसीय शरदकालीन महापूजा के दूसरे दिन सोमवार को श्री यंत्र की स्थापना के साथ मां महालक्ष्मी की विशेष आराधना की गई। अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। इसके बाद श्री मंत्र जप, सहस्रार्चन और हवन संपन्न कराया गया। आचार्य अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में 21 वैदिक विद्वानों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन कुंड में आहुतियां अर्पित करते श्रद्धालुओं ने मां महालक्ष्मी के प्रति अपनी आस्था निवेदित की। आयोजन में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और शिष्य काशी आए हुए हैं। न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष राज द्विवेदी के संयोजन में हुए आयोजन में आइएएस सुरेश चंद्रा सपत्नीक शामिल हुए। न्यास के सदस्य एवं आयकर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश शुक्ला, दिग्विजय सिंह और अशोक त्रिपाठी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भी हवन में आहुतियां दीं।

इस मौके पर न्यास के 44वें वार्षिक समारोह में आयोजित विद्वत सभा में काशी के विद्वान हरिनारायण त्रिपाठी और पंडित राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने शरद पूर्णिमा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी