शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को मिली धमकी, पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
-तहरीर के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं : परमात्मानन्द ब्रह्मचारी
वाराणसी, 10 अप्रैल (हि. स.) l उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में सनातन धर्म के प्रतिष्ठित ‘ ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को दी गई जानलेवा धमकी के मामले में वाराणसी पुलिस के रवैया को लेकर संतों व बटुकों में नाराजगी हैl संतों ने पुलिस के कार्य प्रणाली को निराशाजनक बताया है। शुक्रवार को शंकराचार्य के प्रतिनिधि परमात्मानन्द महाराज ने बताया कि उन्होंने खुद भेलूपुर थाने में इस संदर्भ में लिखित तहरीर दी थी, किंतु खेद का विषय है कि २४ घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य व्यक्तित्व को धमकी मिलना करोड़ों अनुयायियों की आस्था और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती है। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संज्ञेय अपराध में प्राथमिकी दर्ज न करना भेलूपुर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह है। आरोप लगाया कि पुलिस की यह शिथिलता अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाली है। परमात्मानन्द ने कहा कि यदि प्रशासन ने तत्काल दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की, तो न्याय की रक्षा के लिए उच्चाधिकारियों का घेराव और न्यायालय की शरण लेना ही अंतिम विकल्प होगाl इस संबंध में पुलिस का पक्ष जानने के लिए भेलूपुर थानाध्यक्ष संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी