गोरक्षा और हिन्दुत्व का चतुर्मुखी विकास भारत को बनाएगा विश्वगुरु : स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
वाराणसी,25 अप्रैल (हि.स.)। पुरी स्थित गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को गोरक्षा और हिन्दुत्व के चतुर्मुखी विकास के प्रति कृतसंकल्प होना होगा, तभी 21वीं शताब्दी में हमारे विश्वगुरु बनने की परिकल्पना साकार हो सकेगी।
शंकराचार्य महाराज वाराणसी में शनिवार को आदित्य वाहिनी के कार्यक्रम को आर्शीवचन दे रहे थे। कार्यक्रम में डा. दिव्यकान्त त्रिपाठी को वाहिनी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य महाराज ने कहा कि भारत सदैव से विश्वगुरु रहा। शून्य, पाई, पहिया, वेद, वाद्ययंत्र से लेकर पुष्पक विमान तक विश्व को देने का कार्य भारत ने किया। वर्तमान परिस्थितियों में गाय, गंगा और गायत्री मंत्र के बगैर विश्व गुरु बनने की परिकल्पना अधूरी है।
डा. दिव्यकान्त के अनुसार, पूर्वांचल में आदित्य वाहिनी हिन्दुत्व के प्रति लोगों में सामाजिक चेतना पैदा करने के लिए शीघ्र ही सघन अभियान प्रारंभ करेगी। इस अभियान का प्रारंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या से होगा। सुल्तानपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में हिन्दुत्व जागरूकता अभियान की ज्योति पहुंचेगी। जल्द ही इस सम्बन्ध में कार्यक्रमों की तिथियों की घोषणा की जाएगी। बताते चले शंकराचार्य अस्सी स्थित दक्षिणामूर्ति मठ में काशी प्रवास पर आए है।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी