वाराणसी: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना के शौर्य का गंगा द्वार से अभिनंदन

 


वाराणसी,07 मई (हि.स.)। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित गंगा द्वार पर गुरुवार को भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को नमन किया गया। ‘नमामि गंगे’ के स्वयंसेवकों ने यहां मां गंगा की आरती कर सेना के जवानों को असीम ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होने की कामना की। ललिता घाट के गंगा द्वार पर भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद की सेना जैसे गगनभेदी नारों से वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। इस अवसर पर नमामि गंगे की टीम ने तिरंगा झंडा और भारत माता की तस्वीर लेकर आम नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ मिलकर सेना का अभिनंदन किया। श्रीकाशी विश्वनाथ भगवान, मां गंगा और भगवान सूर्य नारायण की आरती उतारकर जवानों को शक्ति और साहस का आशीर्वाद मांगा गया। नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है। यह अभिनंदन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सेना ने न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की है, बल्कि हर नागरिक के दिल में यह विश्वास भी जगा दिया है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। आयोजन में शुभम शर्मा, सोनाली सिंह, रीता मिश्रा, शाश्वत सिन्हा आदि की मौजूदगी रही।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी