बीएचयू के शिक्षा संकाय के छात्रों से विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख ने किया संवाद

 


वाराणसी, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शिक्षा संकाय में गुरूवार शाम विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर संवाद किया। संकाय के चाणक्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थी विद्यार्थियों के साथ संवाद के बीच विभागाध्यक्ष ने विभिन्न हाउसों, क्लबों एवं समितियों की गतिविधियों तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं प्रतिभा के अनुसार क्लबों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

संवाद के दौरान संकाय की छह हाउसों—तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला, वल्लभी, पुष्पगिरि एवं शारदापीठ—की गतिविधियों एवं दायित्वों के संबंध में जानकारी दी गई। छह हाउसों के हाउस मास्टर्स क्रमशः डॉ. अजीत राय, डॉ. अजय, डॉ. विनोद, डॉ. प्रतीक, डॉ. आकाश एवं डॉ. मुदित ने विद्यार्थियों को हाउस गतिविधियों, नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना एवं सामूहिक सहभागिता के संबंध में मार्गदर्शन दिया। छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह के संबंध में भी जानकारी दी । उन्होंने बताया कि संकाय में 4 सितंबर 2026 को सभी हाउसों एवं संकाय के सभी विद्यार्थियों की सहभागिता से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में ड्रामा एवं थिएटर क्लब की जिम्मेदारी प्रो. मीनाक्षी सिंह, सांस्कृतिक क्लब की जिम्मेदारी डॉ. सोमू सिंह एवं डॉ. आरती मिश्रा, रिसर्च क्लब की जिम्मेदारी प्रो. आलोक गार्डिया , गेम्स एवं स्पोर्ट्स क्लब की जिम्मेदारी डॉ. सोमू सिंह एवं डॉ. संजय सोनकर , मैथ्स क्लब की जिम्मेदारी डॉ. विनोद कुमार सिंह तथा ईको-क्लब की जिम्मेदारी डॉ. सुनील कुमार सिंह को सौंपी गई । प्रत्येक क्लब के साथ विद्यार्थी स्वयंसेवकों को जोड़कर उन्हें क्लब की गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका देने की योजना भी साझा की गई। कार्यक्रम में संकाय के शिक्षकों ने अपनी विदेश यात्रा के अनुभवों को भी साझा किया। प्रो. लालता प्रसाद ने दक्षिण कोरिया सहित पाँच देशों की अपनी विदेश यात्राओं के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। वहीं, प्रो.नागेंद्र कुमार ने दुबई सहित पाँच देशों की अपनी यात्राओं के अनुभव साझा किए।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी