आरएसएस और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित रहे प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह : अंगराज

 


वाराणसी, 21 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व क्षेत्र संघचालक रहे प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर सोमवार को काशी भाग के लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र के कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में संघ के काशी प्रांत संघचालक अंगराज ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह संघ एवं सामाजिक कार्यों के प्रति जीवन भर समर्पित रहे । कार्य के साथ-साथ कार्यकर्ता की चिंता करते थे। विषम परिस्थितियों में भी समस्या का सहज निवारण करने की उनकी अद्भुत क्षमता थी। सामान्य कार्यकर्ताओं से भी मिलते समय उनका सहज स्वभाव आकर्षित करता था।

विभाग संघचालक प्रोफेसर जयप्रकाश लाल ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए बताया कि वर्ष 1962 से 2000 तक प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रहे। इसके बाद वे रीवा विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह ने काशी विभाग के विभाग संघचालक ,प्रांत संघचालक एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संघ चालक के रूप में अपने दायित्व का निर्वहन किया । संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक राम सूचित पाण्डेय ने बताया कि प्रोफेसर देवेंद्र विनम्र स्वभाव के थे। संघ के कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा जीवन भर बनी रही । बिहार एवं झारखंड क्षेत्र के भूतपूर्व क्षेत्र संघचालक सिद्धनाथ सिंह ने प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह के जीवन से संबंधित कई सारी घटनाओं की चर्चा की। श्रद्धांजलि सभा के बाद अस्सी घाट पर उनके अस्थि कलश का विसर्जन किया गया।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ,काशी प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह प्रोफेसर राकेश तिवारी , प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत संपर्क प्रमुख दीनदयाल पाण्डेय , महानगर प्रचारक आशीष ,भाग प्रचारक आदर्श , नागेन्द्र, जागेश्वर, डॉ आनंद प्रभा सिंह आदि रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी