हिंदू साम्राज्य दिन उत्सव के रुप में मनाया गया छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उत्सव

 


—आरएसएस के स्वयंसेवकों ने घोष प्रदर्शन किया, शिवाजी के जीवन चरित्र पर प्रस्तुत की कविता

वाराणसी, 28 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संगठनात्मक संरचना में काशी मध्य स्थित कामाख्या नगर में रविवार को छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उत्सव हिंदू साम्राज्य दिन उत्सव के रूप में मनाया गया। महमूरगंज स्थित मोहिनी देवी रुंगटा शिशु मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूआत वरिष्ठ स्वयंसेवक अनिल के नेतृत्व में घोष के प्रदर्शन से हुआ। इसमें शिवाजी महाराज के समय में उनके नौसेना द्वारा जो घोष प्रयोग किया गया था। उसी रचना का वादन किया गया।

स्वयंसेवक कुशाग्र ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित वीर रस की कविता प्रस्तुत की। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम प्रदीप की देखरेख में संचालित किया गया। नगर संचालक ओम प्रकाश की उपस्थिति में काशी विभाग के घोष प्रमुख विपिन ने पाथेय (उद्बोधन) दिया। घोष प्रमुख ने कहा कि जिस प्रकार विषम परिस्थितियों में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी सेना एकत्रित की। विभिन्न किलों को जीतते हुए हिंदू साम्राज्य की नींव रखी। उसी प्रकार आज भी विकट परिस्थितियों में हिंदुओं की एकजुटता अपरिहार्य है। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह अंशु ने किया। उत्सव में व्यवस्था की दृष्टि से विवेक, बृज किशोर, राज किशोर, आदित्य आदि स्वयंसेवकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय के छात्र अवयान ने छत्रपति शिवाजी के वेश में और चार अन्य विद्यार्थी उनके सैनिकों के वेश में मंच पर विराजमान रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी