श्री कृष्ण जन्मस्थल से विश्वनाथ धाम में भेंट सामग्री के साथ ‘रसियारों’ की विशेष टोली भी आएगी

 




—धाम में रंगभरी एकादशी पर ‘रास’ एवं ‘फूलों की होली’, ब्रज की होली के रंग में रंगेगा बाबा विश्वनाथ का दरबार, शिव-शक्ति और राधाकृष्ण की अनूठी छटा दिखेगी

वाराणसी, 24 फरवरी (हि.स.)। रंगभरी एकादशी पर इस वर्ष श्री काशी विश्वनाथ धाम में ब्रज की होली की अनूठी छटा देखने को मिलेगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से गुलाल, प्रसाद और पुष्पों की भव्य यात्रा बाबा विश्वनाथ को अर्पित करने के लिए वाराणसी पहुंचेगी। काशी (शिव) और मथुरा (कृष्ण) की होली आध्यात्मिक एकात्मता का प्रतीक है। रंगभरी एकादशी पर यह संगम काशी विश्वनाथ धाम में ब्रज की पुष्प होली, गुलाल होली और भक्ति-संगीत के रूप में साकार होगा। शिव-शक्ति और राधा-कृष्ण की होली का अनुपम दृश्य भक्तों को अलौकिक आनंद की अनुभूति कराएगा।

मथुरा श्री कृष्ण जन्म स्थल न्यास के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार 26 फरवरी को मथुरा से भेंट सामग्री के साथ ‘रसियारों’ की एक विशेष टोली भी उत्सवपूर्वक काशी के लिए प्रस्थान करेगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं कृष्ण भक्तों की ओर से वृहद मात्रा में प्रसाद, सवा मन गुजिया, गुलाल, नील गुलाल, फल एवं पुष्प काशी भेजे जाएंगे। इसके साथ ही ब्रज के कलाकार होली गायन, वादन और नृत्य प्रस्तुत कर बाबा के दरबार में फाग का रंग बिखेरेंगे।

मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह जानकारी दी। बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम से मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान को प्रेषित उपहार श्री कृष्ण जन्मस्थल न्यास ने सप्रेम स्वीकार किया। इसका वहां से प्राप्त चित्र एवं वीडियो अत्यंत चित्ताकर्षक एवं भावपूर्ण है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, श्री कृष्ण जन्मस्थान न्यास एवं उनके सचिव के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करता है, जिन्होंने इस नवाचार को उत्साहपूर्वक स्वीकार करते हुए मथुरा में भी इसे प्रभावी रूप से लागू किया।

मंदिर न्यास के अनुसार ब्रज एवं काशी की परम्पराओं में रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व है। श्री कृष्ण जन्मस्थल मंदिर में इस अवसर पर लठमार होली का आयोजन किया जाता है, जो भक्तिभाव एवं उल्लास का अद्वितीय संगम है। बताया गया कि भगवान विश्वनाथ की ओर से भगवान श्रीकृष्ण के बाल गोपाल स्वरूप के लिए खिलौने, चॉकलेट, मिठाइयाँ, वस्त्र एवं फल उपहार स्वरूप प्रेषित किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी