गंगा की स्वच्छता के लिए 22 मार्च को दौड़ेगी काशी, दो श्रेणी की दौड़
—रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन-2026
वाराणसी, 20 मार्च (हि.स.)। विश्व जल दिवस (22 मार्च) पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन 2026 का आयोजन किया जाएगा। संकट मोचन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में गंगा की स्वच्छता के लिए इस बार भी हजारों महिला पुरुष दौड़ में भाग लेकर गंगा की स्वच्छता और निर्मलता का संदेश देंगे। यह जानकारी शुक्रवार को फाउंडेशन के अध्यक्ष महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने तुलसीघाट पर आयोजित पत्रकारवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन 2026 इस वर्ष दो स्वरूपों में होगा। पहला रूप में 10.55 किमी तक लोग दौड़ेंगे। इसके लिए प्रतिभागी नमो घाट से दौड़ आरम्भ करेंगे। वे विश्वेश्वरगंज, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, मदनपुरा शिवाला होते दाहिनी ओर मुड़कर रवीन्द्रपुरी, लंका मालवीय प्रतिमा से पुनः रविदास गेट, असि चौराहा होते तुलसीघाट पहुंचेंगे।
दूसरे रूप में प्रतिभागी 7 किमी दौड़ेंगे। उनकी दौड़ 02 मिनट बाद नमोघाट से ही आरम्भ होगी। वे भी विश्वेश्वरगंज, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, मदनपुरा, होते शिवाला से सीधे भदैनी होते तुलसीघाट पहुंचेंगे। 10.55 किमी मैराथन में भाग लेने वाले विजेताओं को स्वर्ण 21,000, द्वितीय रजत 16,000 तथा तृतीय ताम्र 11,000 का नकद पुरस्कार प्रदान दिया जाएगा। वहीं, 07 किमी मैराथन में स्वर्ण पदक 15,000, रजत 10,000 व ताम्र 7,000 नकद रुपये का होगा।
उन्होंने बताया कि मैराथन के प्रायोजक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व स्टाइडर्स फाउंडेशन हैं। उन्होंने बताया कि मैराथन में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है। सात किमी मैराथन के लिए 118 रुपये व 10.55 किमी के लिए 295 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क रखा गया है। नमो घाट पर मुख्य अतिथि यूनियन बैंक के प्रबंध निदेशक आशीष पांडेय प्रातः रन फॉर क्लीन गंगा मैराथन 2026 का शुभारम्भ 06 बजे करेंगे। मैराथन समाप्ति के बाद तुलसीघाट पर पुरस्कार वितरण व सभा होगी।
गंगा निर्मलीकरण को लेकर पूछे गये सवालों पर महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि गंगा के निर्मलीकरण में बह रहे सीवर बाधा बन रहे हैं। गंगा में बह रहे सीवर यदि बंद हो जाये तो काफी हद तक गंगा स्वाभाविक रूप से निर्मल हो जाएंगी। प्रो. मिश्र ने इस अवसर पर मैराथन की टी-शर्ट और विजेताओं को दिये जाने वाले मेडल को भी लांच किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी