न्यायालयों के समक्ष रेलवे का पक्ष प्रभावी, तथ्यपरक एवं सुदृढ़ ढंग से प्रस्तुत करें: विनोद कुमार शुक्ल
—रेलवे के अपर महाप्रबंधक ने वाराणसी मंडल से संबंधित न्यायालयीन मामलों की समीक्षा की
वाराणसी, 08 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल ने शनिवार दोपहर लहरतारा स्थित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय सभागर कक्ष में वाराणसी मंडल से संबंधित आर्बिट्रेशन, भूमि एवं स्थापना संबंधी न्यायिक मामलों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अपर महाप्रबंधक ने लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा उनके शीघ्र निस्तारण के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।9
अपर महाप्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित न्यायालयीन मामलों की नियमित रूप से व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करें तथा मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता के अनुसार रेलवे के अधिवक्ताओं को समय-समय पर आवश्यक तथ्यों एवं अभिलेखों के साथ समुचित रूप से ब्रीफ करें। उन्होंने कहा कि न्यायालयों के समक्ष रेलवे का पक्ष प्रभावी, तथ्यपरक एवं सुदृढ़ ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से पुराने एवं लंबे समय से लंबित न्यायिक मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य प्रचार निरीक्षक हिमांशु राव ने बताया कि बैठक में न्यायालयीन मामलों की प्रभावी निगरानी, समयबद्ध एवं सुदृढ़ पैरवी तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। अपर महाप्रबंधक ने सभी संबंधित अधिकारियों से न्यायालयीन मामलों में समन्वय के साथ कार्य करते हुए रेलवे के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा बैठक में वाराणसी मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) अशोक वर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) अजय सिंह, उप मुख्य इंजीनियर (निर्माण) पंकज पाण्डेय, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (प्रथम) शैलेन्द्र सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (द्वितीय) विनीत कुमार, मंडल कार्मिक अधिकारी दया शंकर, विधि अधिकारी राम निहोरा लाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी