वाराणसी में ‘डेवलपमेंट ऑफ़ पिक्टोरियल परसेप्शन’ पुस्तक का विमोचन
—पुस्तक में चित्रात्मक परीक्षणों के आधार पर बच्चों के विभिन्न संज्ञानात्मक विकास पक्षों की विस्तृत चर्चा
वाराणसी, 06 जून (हि.स.)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मनोविज्ञान विभाग में पूर्व छात्रा एवं वसंता कॉलेज फॉर वूमेन, राजघाट से सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर स्वर्गीय डॉ. अपर्णा शुक्ला की पुस्तक ‘डेवलपमेंट ऑफ़ पिक्टोरियल परसेप्शन’ का विमोचन शनिवार को किया गया। डॉ अपर्णा के जन्मदिवस पर पुस्तक के लोकार्पण के समय उनकी पुत्री डॉ. अनुभूति व प्रशस्ति भी मौजूद रही। पुस्तक का विमोचन डॉ शुक्ला के शोध निर्देशक और मनोविज्ञान विभाग,बीएचयू के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर. सी. मिश्रा ने किया।
उन्होंने बताया कि यह पुस्तक डॉ अपर्णा के पीएचडी शोध पर आधारित है और विद्यालय परिवेश के छात्रों के संज्ञानात्मक विकास पर प्रभाव से संबंधित महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत करती है। प्रोफेसर पूर्णिमा अवस्थी ने पुस्तक के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस पुस्तक में चित्रात्मक परीक्षणों के आधार पर बच्चों के विभिन्न संज्ञानात्मक विकास पक्षों की विस्तृत चर्चा की गई है। पुस्तक विद्यालयी वातावरण, शिक्षण‑अधिगम स्थितियों तथा संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के परस्पर संबंधों पर महत्वपूर्ण शोध‑आधारित अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। यह पुस्तक पिंक लोटस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है।
कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरसी त्रिपाठी, वसंता कॉलेज फॉर वूमेन, राजघाट की प्राचार्य प्रो. अलका सिंह, डॉ. पी. एन. शुक्ला, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर योगेश कुमार आर्य, प्रोफेसर राकेश पांडेय तथा पिंक लोटस प्रकाशन की संस्थापक मौसमी आचार्या भी उपस्थित रहीं। प्रोफेसर अलका सिंह और प्रोफेसर शबाना बानो, मनोविज्ञान विभाग, बी. एच. यू. ने डॉ. अपर्णा शुक्ला के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किये। कार्यक्रम में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर योगेश कुमार आर्य ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अपर्णा शुक्ला के भाई एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर आर. सी. त्रिपाठी ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी