पुस्तकों से मिलने वाला ज्ञान जीवनभर साथ रहता है : ब्रजेश पाठक

 




—वाराणसी में साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा की पुनर्प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण

वाराणसी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा की पुनर्प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण बुधवार को वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘हमारे मनु’ समारोह में किया गया। समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मनु शर्मा की पुस्तकों ‘तीन प्रश्न’, ‘राणा सांगा’ और ‘के बोलो मां तुमि अबले’ का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के अध्यक्ष पद्म भूषण राम बहादुर राय ने की। समारोह में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। प्रभात प्रकाशन और हमारे मनु न्यास की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पद्मश्री मनु शर्मा के साहित्यिक योगदान और उनकी रचनाओं की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने साहित्यकार मनु शर्मा के चित्र के समक्ष दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके जीवन, साहित्यिक यात्रा और रचनात्मक योगदान पर आधारित करीब 18 मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई।

——युवाओं से पुस्तकें पढ़ने की अपील

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि पुस्तकों से मिलने वाला ज्ञान जीवनभर साथ रहता है। उन्होंने साहित्य को समाज के बौद्धिक और वैचारिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने पिता की पुस्तकों के पुनर्प्रकाशन के प्रयासों की सराहना की। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने मनु शर्मा फेलोशिप और साहित्यकार की 99वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।

समारोह में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में पद्मश्री डॉ. सोमा घोष की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ समारोह का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी