राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी ने पिलाई पोलियो ड्रॉप, अभियान का हुआ शुभारंभ

 


—पोलियो की वैक्सीन सुरक्षित व असरदार, बच्चों को जरूर पिलाएं : सीएमओ

—बूथ दिवस पर 2.85 लाख बच्चों को पिलाई गई पोलियो ड्रॉप

वाराणसी, 28 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में रविवार को आयोजित बूथ दिवस में राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अजय गुप्ता एवं जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश कुमार ने बच्चों को पोलियो की ड्रॉप पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोलियो का वायरस किसी भी देश से आ सकता है, इसलिए जब भी पल्स पोलियो अभियान चले, तब जन्म से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की अतिरिक्त खुराक अवश्य पिलाई जाए, चाहे उसे नियमित टीकाकरण के सभी टीके और पोलियो की पूर्व खुराक मिल चुकी हो। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें तथा घर-घर भ्रमण के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1805 बूथों पर 285356 बच्चों को पोलियो की वैक्सीन पिलाई गई। इसमें शहर के 706 बूथों पर 80135 और ग्रामीण के 1099 बूथों पर 205221 बच्चों को पोलियो की वैक्सीन पिलाई गई। उन्होंने बताया कि सोमवार से 3 जून तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की वैक्सीन पिलाएंगी। इसके अलावा छूटे बच्चों को 06 जून को वैक्सीन पिलाई जाएगी। अभियान के तहत जनपद में शून्य से पांच वर्ष तक 5,44,106 बच्चों को वैक्सीन पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पोलियो की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने जन्म से लेकर पाँच वर्च तक के बच्चों को पोलियो की वैक्सीन अवश्य पिलाएं। इसके अलावा बच्चों को नियमित टीकाकरण के सभी टीकों को उम्र के अनुसार समय पर लगवाएं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ एस एस कनौजिया ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक विद्यालयों व कंपोजिट स्कूलों में जन्म से लेकर लेकर पाँच वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दी जाती है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाई जाती है। इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने में दी जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी