वाराणसी: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पोर्टल हुआ क्रियाशील, ऋणी किसानों के लिए 31 अगस्त तक बीमा का अवसर
—गैर ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त अंतिम तिथि, आपदा से फसल नुकसान पर 72 घंटे के भीतर टोल फ्री 14447 पर सूचना देना अनिवार्य
वाराणसी, 06 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन-2026 के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद फसल बीमा योजना का पोर्टल पूरी तरह क्रियाशील हो गया है। उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि अधिसूचना 4 अगस्त को जारी की गई थी, जिसके बाद किसान अब योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है, जबकि गैर ऋणी किसानों के लिए अंतिम तिथि 14 अगस्त है। जो ऋणी किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें 31 अगस्त से सात दिन पहले यानी 24 अगस्त तक संबंधित बैंक शाखा को लिखित रूप से इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।
—स्वैच्छिक है योजना, इन दस्तावेजों के साथ करा सकते हैं बीमा
उप कृषि निदेशक ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। गैर ऋणी किसान आधार कार्ड, स्वप्रमाणित फसल बुवाई घोषणा पत्र, नवीनतम खतौनी की प्रति तथा आईएफएससी कोड सहित बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या बैंक शाखा में निर्धारित प्रीमियम जमा कर अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।
—खरीफ की इन फसलों का होगा बीमा
खरीफ सीजन-2026 में जिले के किसान धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उड़द, अरहर और मिर्च जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं।
—प्राकृतिक आपदाओं सहित कई जोखिमों का मिलेगा बीमा संरक्षण
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान पर बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। इसमें बुवाई न हो पाना या असफल बुवाई, फसल की मध्यावस्था में क्षति, प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से नुकसान, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन तथा आकाशीय बिजली से फसल को हुई क्षति शामिल है।
इसके अलावा फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई उपज को आगामी 14 दिनों तक ओलावृष्टि, चक्रवात तथा बेमौसम या चक्रवाती वर्षा से होने वाले नुकसान का भी बीमा सुरक्षा दायरे में रखा गया है।
—72 घंटे के भीतर दें सूचना, तभी मिलेगा दावा
उप कृषि निदेशक ने बताया कि शासन की ओर से योजना के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है। किसान इस नंबर पर कॉल कर योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, बीमित किसानों को किसी प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने की स्थिति में 72 घंटे के भीतर इसी टोल फ्री नंबर पर सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि क्षतिपूर्ति दावा समय पर दर्ज किया जा सके। उन्होंने जिले के सभी किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इसका लाभ उठाने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी