वाराणसी के नेहिया गांव में दो संगठनों के बीच झंडे को लेकर विवाद में पथराव, एसीपी समेत तीन घायल

 


वाराणसी, 17 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में शुक्रवार को बाबा बटुक भैरवनाथ के गेट पर बाबा साहेब डा.भीमराव आंबेडकर का झंडा उतारकर केसरिया ध्वज लगाए जाने को लेकर शुक्रवार को भी दलित बस्ती के लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों पर भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने पत्थरबाजी कर दी। जिसमें एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना सहित दो तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। इसकी जानकारी पाते ही अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा सहित अन्य अफसर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गांव में तनाव की स्थिति देख पुलिस बल ने गश्त शुरू कर दिया।

उल्लेखनीय है कि डाॅ भीमराव अंबेडकर जयंती के दिन दलित समाज के लोगों ने गांव में स्थित बटुक भैरवनाथ मंदिर के गेट पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का झंडा लगा दिया था। इधर इसकी सूचना जैसे ही गांव के दूसरे पक्ष को लगी तो हिंदू संगठन के लोगों के साथ ग्रामीण वहां पहुंचे और झंडा लगाने का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने झंडा उतरवा लिया। पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष से थाने में बात कर आपसी सहमति से रामनवमी के दिन लगा केसरिया ध्वज को फिर मंदिर के गेट पर लगवाया गया था। सुबह लोगों ने देखा कि झंडा उतर गया है तो दलित समाज के लोग जुटे और सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन के साथ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी के दौरान लोगों की मांग थी कि गेट पर पुन: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का ध्वज स्थापित किया जाए। ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर चोलापुर समेत कई थानों की फोर्स और एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना भी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान नारेबाजी कर रही भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया गया, जिसमें एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों की फोर्स और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए है।

डीसीपी वरूणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि नेहिया गांव में एक विवाद प्रकाश में आया। गांव के गेट पर झंडा लगाने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस अफसरों ने दोनों पक्षों को समझाया बुझाया तो झंडा उतार लिया गया। गांव में जो यथास्थिति थी उसको गांव के लोगों से बातचीत कर स्थापित कराया गया। आज कुछ लोग यहां आए थे पुलिस अफसर उनसे बातचीत कर रहे थे। इसी बीच भीड़ में से कुछ लोगों ने पत्थर बाजी कर दी। जिससे एसीपी सारनाथ सहित तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस बल ने न्यूनतम बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया गया। पुलिस पथराव करने वालों को वीडियो के जरिए चिंहित किया जा रहा है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।-----

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी