यूपी-112 देश के लिए आदर्श मॉडल, वाराणसी की हर पीआरवी बनेगी ‘चलता-फिरता सहायता केंद्र’: पुलिस कमिश्नर

 


वाराणसी, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आपातकालीन पुलिस सेवा यूपी-112 त्वरित पुलिस सहायता के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने वाराणसी कमिश्नरेट की प्रत्येक पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (पीआरवी) को ‘चलता-फिरता सहायता केंद्र’ के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कर्मियों को सेवा गुणवत्ता, संवेदनशील व्यवहार और त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गुरुवार शाम ट्रैफिक पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने यूपी-112 के पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली, सेवा गुणवत्ता, रिस्पॉन्स टाइम और उत्तरदायित्वों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कर्मियों की सराहना करते हुए बताया कि कमिश्नरेट वाराणसी प्रदेशीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वाराणसी यूपी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम 5 मिनट 26 सेकेंड है, जबकि 94 प्रतिशत जनसंतुष्टि का स्तर सेवा की गुणवत्ता को दर्शाता है।

—यूपी-112 से लंबे समय से जुड़े रहे हैं पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वर्ष 2016 में यूपी-112 के प्रथम चरण और 2021 में द्वितीय चरण के दौरान वह इसकी वर्किंग एवं टेक्निकल कमेटी के सदस्य रहे हैं। इस दौरान उन्होंने व्यवस्था की कार्यप्रणाली और तकनीकी विकास में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में पीआरवी कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे घटनास्थल पर त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता उपलब्ध कराएं तथा अपनी कार्यप्रणाली का नियमित आत्ममूल्यांकन भी करते रहें।

—हर पीआरवी बनेगी ‘चलता-फिरता सहायता केंद्र’

बैठक में पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि वाराणसी की प्रत्येक पीआरवी केवल आपातकालीन वाहन न रहकर आम नागरिकों के लिए ‘चलता-फिरता सहायता केंद्र’ की भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि पीआरवी कर्मी ड्यूटी के दौरान यातायात जाम, संदिग्ध गतिविधियों या किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर स्वतः सक्रिय हों और संबंधित थाने को तत्काल अवगत कराएं।

—व्यवहार, अनुशासन और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष जोर

सीपी मोहित अग्रवाल ने कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपनी बॉडी लैंग्वेज, वर्दी, व्यवहार और आचरण को उच्च स्तर का बनाए रखें। उन्होंने नागरिकों के प्रति विनम्र, संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि पुलिस की पहली छवि पीआरवी कर्मियों से ही बनती है।

—बेहतर प्रदर्शन पर पुरस्कार, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर ने घोषणा की कि जनपद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पीआरवी टीम को प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि औसत रिस्पॉन्स टाइम और जनसंतुष्टि के वर्तमान स्तर को बनाए रखते हुए हर स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट के भीतर सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कॉल पर 10 मिनट से अधिक विलंब होता है तो संबंधित कर्मियों की समीक्षा, काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

—उत्कृष्ट और कमजोर प्रदर्शन करने वाली पीआरवी का भी उल्लेख

बैठक में थाना चितईपुर की पीआरवी-0612 को उत्कृष्ट कॉलर संतुष्टि के लिए विशेष रूप से सराहा गया। वहीं थाना मिर्जामुराद की पीआरवी-0615 की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन एवं यूपी-112 प्रभारी नीतु कादयान भी उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी