अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर प्रो. मंगला सहित पांच दिव्यांग महिलाओं का सम्मान
वाराणसी,07 मार्च (हि.स.)। अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर शनिवार को संत नारायण पुनर्वास संस्थान काशी विद्यापीठ ब्लॉक शिवदासपुर में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मंगला कपूर सहित पांच दिव्यांग महिलाओं को सम्मानित किया गया। दिव्यांग होने के बावजूद भी अपने प्रेरणादायी जीवन से समाज में मिसाल पेश करने वाली महिलाओं को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह दिया गया। इस अवसर पर राज्य सलाहकार बोर्ड, दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉ उत्तम ओझा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हमने जिन महिलाओं का सम्मान किया है। निश्चित रूप से उन्होंने समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी लगन मेहनत परिश्रम और निष्ठा के बल पर वह स्थान हासिल किया है। जो हम सबके लिए बेहद प्रेरणादायक है । उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए तथा हम सबको समझ हाे तो देश हित में कार्य करना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए डॉ. डी. बी. मिश्रा ने कहा कि महिला दिवस पर इन महिलाओं का सम्मान कर हम खुद सम्मानित हो रहे हैं।
—इन महिलाओं का किया गया सम्मान
1— प्रो. मंगला कपूर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित, भारत में पहली एसिड अटैक की शिकार दिव्यांग महिला एवं राज्य स्तरीय तथा अनेक पुरस्कार प्राप्त उनके जीवन पर फिल्म बन चुकी है और यह काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संगीत विभाग की अध्यक्ष भी रहीं ।
2— आरती टंडन सेवानिवृत्त शिक्षक 2001 में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यपाल आचार्य विष्णु कांत शास्त्री से सम्मानित, 2005 में राष्ट्रपति अब्दुल एपीजे अब्दुल कलाम से सम्मानित
3— सविता सिंह 2011 में राज्य सरकार से सम्मानित, 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, 2025 में वियतनाम में अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान से सम्मानित
4— डॉ. नीतू टहलनी राज्य पुरस्कार से सम्मानित एवं शिक्षक तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी में डॉक्टरेट
5— जाह्नवी चतुर्वेदी संगीत के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त नाम और छात्रा
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी