नगर निगम का 'नो फ्यूल डे' अभियान, महापौर छाता तानकर पैदल चले तो ई-स्कूटी से दफ्तर पहुंचे नगर आयुक्त

 




—-ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर कर्मचारियों ने भी निभाई जिम्मेदारी

वाराणसी, 16 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पर्यावरण संरक्षण और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नगर निगम ने एक सराहनीय पहल की है। शनिवार को नगर निगम में 'नो फ्यूल डे' मनाया गया, जिसके तहत आला अधिकारियों से लेकर आम कर्मचारियों तक ने पेट्रोल और डीजल वाहनों को पूरी तरह से अलविदा कह दिया।

अभियान की कमान खुद शहर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने संभाली। महापौर धूप से बचने के लिए हाथ में छाता लगाकर अपने घर से पैदल ही नगर निगम कार्यालय के लिए निकल पड़े। उन्हें पैदल दफ्तर आते देख हर कोई उनके इस जज्बे की सराहना कर रहा था। वहीं, दूसरी ओर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कचहरी स्थित अपने आवास से ई-स्कूटी (इलेक्ट्रिक दुपहिया) चलाकर निगम कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों में इस मुहिम को लेकर खासा उत्साह देखा गया। नगर आयुक्त के गनर, पीए और अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार एक साथ ई-रिक्शा में सवार होकर कार्यालय पहुंचे। शीर्ष अधिकारियों के इस बदले रुख से प्रेरणा लेते हुए निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी गाड़ियां घर पर ही छोड़कर साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) या इलेक्ट्रिक वाहनों से दफ्तर आए।

—विदेशी मुद्रा और ईंधन बचाना हमारा कर्तव्य: महापौर

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है। इसी क्रम में नगर निगम ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से राष्ट्रहित में सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील की। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा।

—हर शनिवार को जारी रहेगा अभियान : नगर आयुक्त

नगर निगम प्रशासन ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यह अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि अब से हर शनिवार को नगर निगम में 'नो फ्यूल डे' का पालन किया जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और ईंधन की बचत के लिए यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और भविष्य में इसके और भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी