काशी-विंध्य क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की तैयारी, नीति आयोग ने की विकास मॉडल की समीक्षा

 


— नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने पीपीटी के माध्यम से विकास मॉडल देखा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

— सात जिलों के सुनियोजित एवं समग्र विकास पर हुई विस्तृत समीक्षा

वाराणसी, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने काशी-विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल तेज कर दी है। शनिवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए तैयार किए गए विजन एवं विकास मॉडल का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में काशी-विंध्य क्षेत्र के सात जिलों की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास में भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की उपस्थिति में वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि काशी-विंध्य क्षेत्र की कुल आबादी लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) है तथा उत्तर प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसका योगदान लगभग 24 अरब डॉलर, यानी 7.7 प्रतिशत है।

बैठक में बताया गया कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप काशी-विंध्य क्षेत्र को 600 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत 5 से 7 लाख नए रोजगार सृजित करने, प्रीमियम होटल विकसित करने, मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स हब को सशक्त बनाने, ऊर्जा एवं पावर सेक्टर में निवेश बढ़ाने तथा कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में आधुनिक निवेश को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके साथ ही जल संरक्षण, कृषि, मत्स्य पालन, वानिकी, सामाजिक क्षेत्र, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों में समयबद्ध, सुनियोजित और समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने ग्रामीण विकास से जुड़े 76 प्रमुख मानकों पर जिले में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. लाहिड़ी ने क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की तर्ज पर एनीमिया से पीड़ित मरीजों की भी नियमित निगरानी करने, उन्हें फोन के माध्यम से दवा लेने के लिए प्रेरित करने तथा जनस्वास्थ्य सुधार के प्रयासों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्ष 2030 के विकास लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही विकास योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर बल देते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

डॉ. लाहिड़ी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाना आवश्यक है। उन्होंने डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने विकास योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और उनके समाधान संबंधी सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी