वाराणसी: गंगा में नाव पर सवार होकर बीयर पीने वाला युवक गिरफ्तार

 

—पेशे से नाव डेकोरेटर युवक मां शीतला के बधावा यात्रा में शामिल रहा

वाराणसी, 07 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा नदी में बजड़े (बड़ी नाव) पर सवार होकर बीयर पीते युवक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद एक्शन में आई पुलिस ने आरोपित युवक को अस्सीघाट के समीप से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान नगवां निवासी नाव डेकोरेटर अर्जुन राजभर (25 वर्ष) के रूप में हुई है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने इसकी पुष्टि की।

बताया जा रहा कि पकड़े जाने के बाद युवक अपनी गलती को स्वीकार कर माफी भी मांगता रहा। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम को वह वाराणसी से अदलपुरा बड़ी शीतला माता के जाने वाले बधावा यात्रा में शामिल हुआ था। अर्जुन क अनुसार वह शाम को घर से निकला था और रात में अदलहाट पहुंच गया था। रास्ते में उसने साथियों के साथ नाव के अंदर बीयर पीने के बाद डीजे पर डांस किया था। इस मामले में नाविक प्रेम साहनी ने भेलूपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। मां गंगा निषादराज सेवा न्यास ने भी दशाश्वमेध एसीपी को पत्रक सौंप कर आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की थी। बताया था कि प्रत्येक वर्ष माझी समाज वाराणसी से अदलपुरा स्थित बड़ी शीतला माता का बधावा लेकर धूमधाम से नावों पर सवार होकर जाता है। टीवी पर वायरल वीडियो में कुछ लोग शराब पीते नजर आए है। जो बेहद निंदनीय है। इस वीडियो को मां शीतला के बधावा यात्रा और निषाद समाज से जोड़ा जा रहा है। जो कहीं से भी सही नहीं है। माझी समाज आरोपित के कृत्य के खिलाफ हैं । ऐसे में दोषी की शिनाख्त कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाही की जाए।

——गंगा में बीयर पीने को लेकर ओवैसी ने भी साधा निशाना

गंगा नदी में बजड़े पर सवार युवक के बीयर पीने के मामले को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सवाल उठाया हैं । उन्होंने अपने अधिकृत एक्स अकाउंट पर लिखा कि क्या शराब का यह सेवन जायज है? क्या इससे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचती? क्या इससे सामाजिक सौहार्द नहीं बिगड़ता? क्या इससे सार्वजनिक उपद्रव नहीं होता? क्या इससे 'जल अधिनियम' का उल्लंघन नहीं होता? क्या सत्ताधारी दल इसकी शिकायत भी नहीं करेगा? 14 मुस्लिम लड़के अब भी जेल में बंद हैं। बताते चले इसे पहले रमजान में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी करने और बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपित युवकों को न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। उनकी दो बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी