वाराणसी के भेलूपुर जलकल परिसर की 5,400 वर्गमीटर भूमि पर स्थापित होगा अत्याधुनिक नक्षत्रशाला

 


-खगोलीय विज्ञान की अद्भुत दुनिया से रूबरू होंगे शहरवासी, नगर निगम के साधारण अधिवेशन में मिली मंजूरी

वाराणसी, 07 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी के बच्चों, युवाओं और शहरवासियों को जल्द ही खगोलीय विज्ञान की अद्भुत दुनिया से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके लिए जलकल परिसर की 5,400 वर्गमीटर भूमि पर अत्याधुनिक नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। नक्षत्रशाला के निर्माण से वाराणसी को एक नया शैक्षणिक और वैज्ञानिक आकर्षण केंद्र मिलेगा।

मैदागिन स्थित टाउनहॉल में सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई नगर निगम सदन के साधारण अधिवेशन में इस महत्वपूर्ण योजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान करने पर सहमति बनी। बैठक पूरी तरह से शहर की जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी विकास के रोडमैप पर केंद्रित रही, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत और नई सौगातों की उम्मीद जगी है। शहर में निर्माण कार्यों के दौरान सड़कों व सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री बिखेरने से रोकने के लिए नई उपविधि बनाने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके तहत सड़कों पर निर्माण सामग्री ( गिट्टी बालू ) बेचने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया। वहीं कोई भवन स्वामी भवन बनाने के लिए सड़क व गलियों में 48 घंटे से ज्यादा समय गिट्टी बालू रखता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। परमानंदपुर स्थित रैन बसेरा को श्री सद्गुरु सेवा संघ को नेत्र चिकित्सालय के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा जिसे सदन ने मंजूरी मिल गई। यह चिकित्सालय पूरी तरह से नि: शुल्क होगा। बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सीमा पांडेय, अमित कुमार, विनोद कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह आदि भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी