वाराणसी : पद्म अवार्डियों के आवास तक पहुंचना होगा आसान, सेवा बस्तियों का होगा कायाकल्प

 


- नगर निगम ने आवंटित किया 60 करोड़ रुपये,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को गृहकर, जलकर व सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष राहत

वाराणसी, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी की पहचान को और अधिक गौरवशाली बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ी पहल शुरू की है। शहर के गौरव पद्म अवार्डियों को सम्मान देने के साथ-साथ अब शहर की मलिन बस्तियों (सेवा बस्तियों) की सूरत बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। निगम ने इन दोनों प्रमुख कार्यों के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर विकास कार्यों को गति देने में जुटा हुआ है। इस कड़ी में पद्म अवार्डियों के आवास तक जाने वाली सड़कों और गलियों के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर निगम 30 करोड़ रुपये की लागत खर्च करेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे न केवल इन क्षेत्रों का स्वरूप बदलेगा, बल्कि आवागमन भी सुगम होगा। इसके अलावा निगम ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष छूट दे रहा है।

गुरूवार को यह जानकारी नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दी। उन्होंने बताया कि शिवपुर स्थित कांशी राम आवास सहित शहर की सभी चिन्हित सेवा बस्तियों का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। इन बस्तियों के कायाकल्प के लिए भी 30 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। निगम का लक्ष्य सितंबर-अक्टूबर तक इन बस्तियों में बिजली, पक्की सड़क, व्यवस्थित नाली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को शत-प्रतिशत दुरुस्त करना है। दूसरी ओर निगम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को गृहकर, जलकर व सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष रियायत दे रहा है । नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि 15 जुलाई तक गृहकर, जलकर व सीवर कर जमा करने वाले सभी भवन स्वामियों को 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है । वहीं, डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऑनलाइन टैक्स देने वाले भवन स्वामियों को दो प्रतिशत की अतिरिक्त यानी 12 प्रतिशत की छूट मिल रही है । 7 मई से अब तक लाखों भवन स्वामियों को इस छूट का लाभ दिया जा चुका है। महापौर अशोक तिवारी के अनुसार , पद्म अवार्डियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हम शहर के हर कोने को संवारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवा बस्तियों में रहने वाले हमारे भाइयों-बहनों को बेहतर जीवन और मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना भी हमारी प्राथमिकता है। इस साल के अंत तक इन बस्तियों की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी