वाराणसी: सड़क निर्माण में लापरवाही पर तीन इंजीनियरों को प्रतिकूल प्रविष्टि

 


—-लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज, 22 कार्यों में देरी पर ब्लैकलिस्ट करने का फरमान

-नालों की सफाई के लिए देना होगा शपथ पत्र, प्रतिदिन महापौर को सौंपनी होगी रिपोर्ट

वाराणसी, 07 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं में सुस्ती व लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाया है। सीएम ग्रिड योजना के तहत सिगरा क्षेत्र में सड़क निर्माण में बरती गई बड़ी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवर अभियंता (जेई), सहायक अभियंता (एई) और अधिशासी अभियंता की जवाबदेही तय करते हुए तीनों इंजीनियरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है ।

सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में मंगलवार शाम महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीएम ग्रिड योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान महापौर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा में किसी भी तरह की लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ग्रिड योजना के तहत घंटी मिल सहित अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य हर हाल में 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। हालांकि औरंगाबाद रोड का कार्य जून तक खिंचने की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही वर्ष 2023 में टेंडर होने के बावजूद अब तक शुरू न हो सके 22 कार्यों को भी महापौर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने ऐसी फर्मों और ठेकेदारों को तत्काल चिन्हित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया। वहीं, कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए हर शुक्रवार और शनिवार को लाटरी के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया है।

— लापरवाही पर तय होगी अफसरों की जिम्मेदारी : महापौर

बैठक में आगामी मानसून के दौरान शहर को जलभराव से बचाने के लिए नालों की सफाई को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। महापौर ने निर्देश दिया कि अवशेष 30 नालों की टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर मशीन के जरिए इनकी तलीझाड़ सफाई कराई जाए। सफाई की मॉनिटरिंग के लिए अब संबंधित फर्मों से शपथ पत्र लिया जाएगा और इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय होगी। अर्दली बाजार स्थित महाबीर मंदिर रोड, गुरुबाग, नागरी प्रचारिणी सभा रोड, गिरजाघर, मंडुआडीह रोड, मोती झील, महमूरगंज, रथयात्रा, सिगरा-फातमान रोड, शास्त्रीगनगर, चौकाघाट, नाला अंधरापुल, तेलियाबाग, ब्राडवे होटल रविंद्रपुरी मार्ग क्षेत्र में जलजमाव होने की संभावना रहती है। ऐसे में इन क्षेत्रों के नालों को प्राथमिकता के आधार पर तलीझाड़ सफाई कराई जाय। सिल्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का कड़ा आदेश दिया गया है। महापौर ने स्वास्थ्य विभाग से छोटे नालों की सफाई की विस्तृत कार्ययोजना भी तलब की है।

—गंदगी फैलाने वालों की फोटो देने पर 500 का इनाम : नगर आयुक्त

सफाई व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने रेस्टोरेंट, मिठाई और चाट संचालकों को दुकानों के सामने डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया है। आदेश का पालन न करने वालों पर पहले नोटिस और फिर जुर्माने की कार्रवाई होगी। शहर को स्वच्छ रखने में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त ने घोषणा की कि सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों की फोटो भेजने वाले नागरिक को 500 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। बैठक में वरुणा नदी में जलकुंभी के बीच एंटी लार्वा छिड़काव और ऐढ़े गौशाला में बाउंड्रीवाल का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी