वाराणसी में 31 मार्च तक नहीं जमा किया किराया तो निरस्त होगा आवंटन, नगर निगम सख्त

 


—क्यूआर कोड की सुविधा के बाद भी भुगतान में हीलाहवाली पर दिया अल्टीमेटम

-दुकानदारों के पास किराया जमा करने के लिए अब महज 18 दिनों का मौका

वाराणसी, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम प्रशासन ने चालू वित्तीय वर्ष के समापन में राजस्व वसूली को लेकर अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। गृहकर और जलकर के बाद अब निगम की रडार पर वे दुकानदार हैं, जो वर्षों से सरकारी दुकानों का किराया नहीं दे रहे। निगम ने ऐसे दुकानदारों को 31 मार्च तक किराया न जमा करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी है ।

नगर निगम की पूरे शहर में 1,962 दुकानें हैं। इसमें विश्वेश्वरगंज (बड़ा नंबर 1 से 5), नई सड़क मार्केट, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अर्दली बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के कई दुकानदार किराया जमा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। जब कि निगम ने दुकानदारों की सहूलियत के लिए किराया जमा करने की प्रक्रिया को डिजिटल भी कर दिया है। सभी दुकानों पर क्यूआर कोड की सुविधा भी प्रदान की गई है, ताकि दुकानदार आसानी से भुगतान कर सकें। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने 31 मार्च तक किराया न जमा करने पर दुकानों को सील करने की चेतावनी दी है। ऐसे में दुकानों के पास किराया जमा करने के लिए अब महज 18 दिनों का मौका है ।

——तीन साल में वसूली में रिकॉर्ड इजाफा, 4.79 करोड़ का आंकड़ा पार

निगम की इस सख्ती का असर राजस्व पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में दुकान के किराए की वसूली में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां महज 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो अब तक कुल 4,79,52,613 रुपये (करीब 4.79 करोड़) की वसूली की जा चुकी है।

——आवंटन होगा निरस्त, पुलिस बल के साथ होगी कार्रवाई

सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि जिन दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, उन्हें केवल तीन दिन की और मोहलत दी गई है। इसके बाद बिना किसी रियायत के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जो दुकानदार फिर भी सहयोग नहीं करेंगे, उनकी दुकानों का ताला पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़कर निगम अपने कब्जे में ले लेगा। डिजिटल भुगतान के लिए हर दुकान पर क्यूआर कोड की सुविधा पहले ही प्रदान की जा चुकी है, ऐसे में भुगतान न करने के पीछे अब कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी