वाराणसी में पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगी ककरमत्ता पोखरी, आकर्षक लाइटें और फव्वारे बढ़ाएंगे सौंदर्य
- 38 वर्ष पुराने विवाद का हुआ अंत, लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त
- पिकनिक स्पॉट के रूप में होगा विकास, भू-गर्भ जलस्तर सुधारने पर भी रहेगा फोकस
वाराणसी, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के बीएलडब्ल्यू रोड स्थित ककरमत्ता की ऐतिहासिक पोखरी अब नए स्वरूप में दिखाई देगी। नगर निगम की पहल पर 38 वर्ष पुराने कानूनी विवाद के समाप्त होने के बाद लगभग डेढ़ बीघा क्षेत्रफल में फैली इस ऐतिहासिक पोखरी को पर्यटन केंद्र और आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके सौंदर्यीकरण के तहत रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटें, फव्वारे और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे विशेषकर रात्रि के समय यह स्थल पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
नगर निगम ने करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की इस सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। पोखरी के पुनरुद्धार से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ भू-गर्भ जलस्तर में सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
यह मामला मौजा ककरमत्ता स्थित अराजी संख्या-411 से संबंधित है, जिस पर वर्ष 1988 से कानूनी विवाद चल रहा था। अतिरिक्त उपजिलाधिकारी (सदर) की अदालत ने राजस्व अभिलेखों एवं पत्रावली के विस्तृत परीक्षण के बाद वादी के दावे को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा-132 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि उक्त भूमि सार्वजनिक उपयोग की पोखरी है। इसके साथ ही सभी अवैध खातों को निरस्त करते हुए राजस्व अभिलेखों में पुनः 'पोखरी' दर्ज करने का ऐतिहासिक आदेश पारित किया गया।
शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने ककरमत्ता पहुंचकर पुनरुद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। नगर निगम के अनुसार, कुछ लोगों ने वर्षों से इस पोखरी को कूड़ा डालकर पाट दिया था। अब इसे मूल स्वरूप में लाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
मौके पर तीन जेसीबी, तीन पोकलैंड मशीनों तथा 46 डंपर एवं हाइवा की सहायता से सफाई, गाद निकासी और गहरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। महापौर ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काशी के पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
निरीक्षण के दौरान भाजपा पार्षद मदन मोहन तिवारी, श्याम आसरे मौर्य, विनीत सिंह, अतुल पांडेय, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, मुख्य अभियंता (सामान्य) सुरेश चंद्र तथा मुख्य अभियंता (स्मार्ट सिटी) अमरेंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी