वाराणसी में जेएचवी मॉल पर अब नगर निगम का कसेगा कानूनी शिकंजा, कोर्ट के जरिए चालान भेजने की तैयारी

 


—100 किग्रा से अधिक कचरा उत्पादन के बावजूद ऑन-साइट निस्तारण न करने पर होगी कार्रवाई

वाराणसी, 11 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में छावनी (कैंट) स्थित जेएचवी मॉल प्रबंधन की मनमानी खुले में कूड़ा डंप करने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों की लगातार अनदेखी करने पर अब नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर नगर आयुक्त ने मॉल प्रबंधन को जारी नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद भी स्थिति में सुधार न दिखने पर अब नगर निगम सीजेएम कोर्ट के माध्यम से चालान व अन्य सख्त विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। शुक्रवार शाम यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी।

उन्होंने बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के नियम 4 के अनुसार, रोजाना 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर (जैसे मॉल, होटल व मैरिज हॉल) के लिए कचरे का स्रोत पर ही पृथक्कीकरण (सेग्रीगेशन) करना और गीले कचरे का परिसर के भीतर ही ऑन-साइट निस्तारण या कंपोस्टिंग करना अनिवार्य है। इसके बावजूद जेएचवी मॉल प्रबंधन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली अधिकृत एजेंसी (मेसर्स वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन प्रा. लि.) का सहयोग करने के बजाय सीएंडडी (निर्माण व ध्वस्तीकरण) वेस्ट और अन्य कचरे को अपने परिसर में ही डंप कर रहा है। जबकि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ी प्रतिदिन जा रही है । छावनी क्षेत्र में कई होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जहां हर दिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। मॉल प्रबंधन की इस लचर कार्यप्रणाली से क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी बनारस की साख पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नोटिस की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी सुधार न दिखने पर निगम अब जुर्माना लगाने और कानूनी शिकंजा कसने की अंतिम प्रक्रिया में जुट गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी