वाराणसी: चौकाघाट लकड़ीमंड़ी में नगर निगम ने 30 करोड़ की सरकारी संपत्ति कराई मुक्त

 


— मुख्य मार्ग पर टीन शेड डालकर बनाया था अवैध रुप से ठिकाना, दो जेसीबी के साथ करीब छह घंटे चला अभियान

वाराणसी,11 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर निगम प्रशासन ने सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। चितईपुर कंदवा के बाद अब नगर निगम की टीम ने चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के समीप लकड़ी मंड़ी में मुख्य मार्ग पर बड़ी कार्रवाई की है। यहां अवैध रूप से कब्जाई गई करीब 12 बिस्वा सरकारी जमीन को निगम ने अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। बाजार दर के अनुसार इस भूमि की कुल कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। सोमवार को यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी ।

बताया गया कि जीटीरोड चौकाघाट मार्ग पर स्थित बंजर भूमि पर कुछ दबंगों ने टीनशेड और दीवार खड़ी कर अवैध कब्जा कर रखा था। यहां न केवल गाड़ियां खड़ी की जा रही थीं, बल्कि व्यापारिक गतिविधियां भी संचालित थीं। इसकी शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जमीन की जांच कराई, जिसमें उक्त भूमि के बंजर होने की पुष्टि हुई। इसके बाद नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव को जमीन कब्जा मुक्त कराने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त के आदेश पर सहायक नगर आयुक्त व नायब तहसीलदार शेष नाथ के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और अतिक्रमण दस्ता दो जेसीबी मशीनों के साथ रविवार शाम मौके पर पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल और निगम की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। करीब छह घंटे तक चली इस कार्रवाई में टीन शेड व अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर पूरी जमीन को निगम ने अपने घेरे में ले लिया। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पास प्राइम लोकेशन और मेन रोड पर होने के कारण इस जमीन की कीमत काफी अधिक है। राजस्व विभाग के अनुमान के मुताबिक, यहां जमीन की बाजार दर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति बिस्वा है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी