बीएलडब्ल्यू परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 45.03 करोड़ से बनेंगे ढके हुए नाले, नगर निगम से समझौता
-कंदवा गेट, पहाड़ी गेट और बीएलडब्ल्यू परिसर में आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का होगा निर्माण
वाराणसी, 11 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) परिसर और उसके आसपास के विस्तारित नगर निगम क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या का अब स्थायी समाधान की उम्मीद है। बीएलडब्ल्यू प्रशासन और नगर निगम वाराणसी के बीच जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मसौदा सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल पर तैयार इस योजना से क्षेत्र की लगभग 1.50 लाख (डेढ़ लाख) आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और मानसून के दौरान होने वाली दुश्वारियों से मुक्ति मिलेगी। मंगलवार को प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में समझौते पत्र पर बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने भी हस्ताक्षर किए ।
—कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क
नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, जल निकासी नेटवर्क को दो हिस्सों में बांटकर काम पूरा किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू की सीमा (भूमि) के भीतर आने वाले वर्षा जल निकासी नाले के निर्माण के लिए 24.00 करोड़ रुपये की राशि सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है। वहीं, बीएलडब्ल्यू परिसर की सीमा के बाहर बनने वाले नाला नेटवर्क पर 21.03 करोड़ रुपये का खर्च नगर निगम वाराणसी द्वारा वहन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी।स्टॉर्म वाटर ड्रेन विथ कवर (ढके हुए पक्के नाले) का निर्माण कराया जाएगा।
—कंदवा और पहाड़ी गेट के पास नहीं रुकेगा पानी
स्थलीय निरीक्षण में पाया गया था कि वर्तमान में उपलब्ध नालों की क्षमता बेहद कम है तथा कई स्थानों पर नाले अवरुद्ध एवं क्षतिग्रस्त हैं। इसके कारण कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास मानसून के समय व्यापक जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों, जनस्वास्थ्य और यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ता था। अब कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के पास 'नाला-1' एवं 'नाला -2' नाम से नए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल का त्वरित और सुव्यवस्थित निकास संभव हो सकेगा।
—बीएलडब्ल्यू परिसर की सड़कों व ढांचों को मिलेगी सुरक्षा
बीएलडब्ल्यू परिसर की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ परिसर के आंतरिक भागों में भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से आवासीय एवं कार्यालय परिसर जलमग्न हो जाते थे। इससे रेल कर्मचारियों, उनके परिवारों और आमजन को भी आवागमन में भारी परेशानी होती थी। इससे बुनियादी ढांचे (सड़क व नागरिक अवसंरचना) को नुकसान पहुँचता था। नए प्रोजेक्ट के तहत बीएलडब्ल्यू बाउंड्री वॉल और आंतरिक क्षेत्रों में भी ढके हुए ढके नालों का निर्माण कर इस समस्या का समाधान होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी