मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वाराणसी पहुंचे,यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन 2026 में भाग लेंगे
एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत,कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से
वाराणसी,31 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में मंगलवार को आयोजित यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन 2026 में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर में पहुंच गए है। बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री अन्तराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भाजपा के कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी', एमएसएमई मंत्री राकेश सचान,राज्यमंत्री गिरीश यादव,जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य,भाजपा के प्रोटोकाल प्रभारी शैलेश पांडेय आदि शामिल रहे।
एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री मोहन यादव शहर के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हो गए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री यूपी —एमपी सहयोग सम्मेलन की शुरूआत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से करेंगे। मंदिर में दर्शन पूजन के बाद वे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में अध्ययन भ्रमण करेंगे। जहां क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का गहन अवलोकन किया जाएगा। यह भ्रमण केवल एक निरीक्षण नहीं होगा, बल्कि आधुनिक शहरी नियोजन और तीर्थस्थल प्रबंधन के सफल मॉडल को समझने का अवसर प्रदान करेगा। इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थागत सुधार के लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा, जिससे तीर्थ पर्यटन को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सकेगा। कैंटोंमेंट स्थित होटल रमाडा में आयोजित सम्मेलन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें दोनों राज्यों में औद्योगिक क्षमताओं, बाजार की संभावनाओं, ओडीओपी, जीआई टैग के उत्पादों, कृषि उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं पर संवाद होगा। पर्यटन क्षेत्र में राउंड टेबल कांफ्रेंस में वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़ते हुए संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन स्थल पर मध्य प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, जीआई टैग वाले उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सम्मेलन में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनके माध्यम से व्यापारिक सहयोग, औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और पर्यटन क्षेत्र में साझेदारी को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी