नगर निगम के प्रस्ताव के विरोध में वाराणसी में मीट-मछली कारोबार ठप, व्यवसायियों ने किया प्रदर्शन

 




—शहर से बाहर दुकानें स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध, निर्णय वापस लेने की मांग

वाराणसी, 22 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी द्वारा शहर के भीतर संचालित मीट एवं मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में बुधवार को शहर के मीट एवं मछली व्यवसायियों ने एकदिवसीय बंद रखा। बंद का व्यापक असर शहर के प्रमुख बाजारों और मंडियों में देखने को मिला, जहां अधिकांश मीट और मछली की दुकानें दिनभर बंद रहीं।

व्यापारी नेताओं चरणजीत सतनाम सिंह, जितेंद्र और दिनेश कुमार ने दावा किया कि चौकाघाट, पुराना पुल, रामनगर, लहरतारा, सुंदरपुर, नाथूपुर (डीएलडब्ल्यू), मंडुवाडीह, लल्लापुरा, शिवपुर, शिवाला, गौरीगंज, बौलिया, नई सड़क (बेनियाबाग), रेवड़ी तालाब, लंका, सोनारपुरा, बेलवारिया, चांदमारी, चितईपुर और अवलेशपुर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों ने बंद का पूर्ण समर्थन किया।

बंदी के दौरान प्रदर्शन कर रहे व्यवसायियों ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था और संबंधित पक्षों से व्यापक संवाद किए दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय हजारों व्यापारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उनका कहना था कि इस तरह का कोई भी निर्णय लेने से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का गंभीर अध्ययन किया जाना चाहिए तथा सभी हितधारकों से चर्चा कर सहमति बनाई जानी चाहिए।

व्यवसायियों ने संविधान में प्रदत्त वैध व्यवसाय करने के अधिकार और आजीविका की सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा कि उनके हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

——व्यापारियों की प्रमुख मांगें

मीट एवं मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।

व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति से समाधान निकाला जाए।

हजारों परिवारों के रोजगार और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में दिनेश चौहान, अंकित कमाल, अहमद मोबिन, मीरा देवी, चरणजीत सतनाम सिंह, जितेंद्र, दिनेश कुमार, सुमित सोनकर, सूफियान कुरैशी, मोनू सोनकर, सुनील सोनकर, बाबू, संतोष सोनकर, इरफान, अनिल, प्यारेलाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी