श्री संकटमोचन मंदिर के महंत को दिया गया ‘वाह पखावजबाज वाह’ सम्मान, असि की अड़ी पर जमी महफिल

 


वाराणसी,26 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में जनपद वाराणसी के असि इलाके के प्रसिद्ध अड़ी पप्पू चाय वाले की दुकान पर रविवार अपरान्ह श्री संकट मोचन मंदिर के महंत व बीएचयू आईआईटी में प्रोफेसर डॉ विश्वम्भर नाथ मिश्र को ‘वाह पखावजबाज वाह’ सम्मान दिया गया।

अड़ी की जान भाजपा नेता अशोक पांडेय, सुरेश चौबे, अजय कृष्ण त्रिपाठी एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने महंत प्रो. मिश्र को स्मृति चिन्ह अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रो.मिश्र ने कहा कि असि कि अड़ी, काशी का वह प्रमुख द्वार है जहां आपके विद्वता आपकी सरलता आपके गुण की पहचान होती है। अगर आप यहां से सही सलामत निकल गए तो समझिए कि आप को बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद मिल गया है। इस अड़ी पर हर विधा के माहिर लोग आपको मिलेंगे उनसे आपको बहुत बड़ी सीख मिलती है। यहीं सीख आपको आगे बढ़ने में बहुत ही सहायक सिद्ध होती है।

महंत प्रो. मिश्र का अभिनंदन कर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि हमारे मोहल्ले के ही नहीं काशी के एक हस्ती है महंत विश्वम्भर नाथ मिश्र, बीएचयू आईटी में विज्ञान के अध्यापक होने के साथ-साथ हनुमान जी के भक्त और पखावज के साधक हैं । आज असि के अड़ी पर इनका सम्मान करके हमें गर्व की अनुभूति हो रही है।

प्रोफेसर देवव्रत चौबे ने कहा कि प्रो. मिश्र विज्ञान के साथ-साथ संगीत में भी कुशल है। समाज को ऐसे लोगों की जरूरत है जो संगीत के माध्यम से पूरे विश्व में शांति और सद्भाव का संदेश दे। अधिवक्ता सुरेश चंद चौबे ने कहा कि महंत प्रोफेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र काशी के सांस्कृतिक परंपरा को एक नई ऊंचाई प्रदान कर रहे है। शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ने का कार्य कर रहे है।

कवि अजय कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि काशी की प्रसिद्ध अड़ी पर प्रो. मिश्र का आगमन बहुत ही सुखद रहा और आज उनको अपने बीच पाकर ऐसा लगा कि धर्म संस्कृति और संगीत एक साथ अड़ी पर आ गई है। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार अजय उपाध्याय, दुर्गाकुंड स्थित कुष्मांडा मंदिर के महंत विकास दुबे, राजेश त्रिपाठी, मनोज यादव, आर्टिस्ट राजकुमार सिंह, हेमंत त्रिपाठी हांडी गुरु, विश्वनाथ यादव, स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी आदि की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन रामयश मिश्र और धन्यवाद पप्पू के प्रसिद्ध चाय की अड़ी के अधिष्ठाता मनोज ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी