वाराणसी में शरद पूर्णिमा पर महालक्ष्मी महायज्ञ, गणेश पीठ की हुई स्थापना
—देशभर से पहुंचे श्रद्धालु और शिष्य, वैदिक अनुष्ठानों के साथ सजेगी शास्त्रीय संगीत और नृत्य की महफिल
वाराणसी, 24 अक्टूबर (हि.स.)। शरद पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश में वाराणसी के रविन्द्रपुरी एक्सटेंशन, अस्सी स्थित वेद पारायण केन्द्रम में दो दिवसीय महालक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ के शुभारंभ से पूर्व शनिवार को आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ गणेश पीठ की स्थापना की गई। इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और शिष्य केन्द्रम पहुंचे हैं।
वेद पारायण केन्द्रम न्यास की ओर से आयोजित महायज्ञ में रविवार को मुख्य अनुष्ठान संपन्न होंगे। इसके तहत श्री यंत्र की स्थापना एवं पूजन, श्री मंत्र जप, सहस्रार्चन और हवन किया जाएगा। आयोजन से जुड़े हर्ष द्विवेदी ने बताया कि महायज्ञ में 21 वैदिक विद्वान विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। कार्यक्रम सुबह नौ बजे शुरू होकर मध्यरात्रि तक चलेगा।
आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि महायज्ञ के विशेष अनुष्ठान शाम चार बजे से आयोजित किए जाएंगे। न्यास का यह 44वां वार्षिक आयोजन है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत आर्या देशपांडे भरतनाट्यम के माध्यम से गणपति वंदना और शिव पंचाक्षर स्तोत्र प्रस्तुत करेंगी। वहीं, मधुमिता भट्टाचार्य और रतन त्रिपाठी भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगे। कथक नृत्यांगनाएं विशालाक्षी त्रिपाठी और ब्राह्मी त्रिपाठी भी अपनी कला से आयोजन को सुरमयी बनाएंगी। महालक्ष्मी महायज्ञ के माध्यम से वैदिक परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों और भारतीय शास्त्रीय कला का संगम देखने को मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी