वाराणसी : सामने घाट पर क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ,व्यापारियों को मिलेंगे नए अवसर
- दो एकड़ भूमि देने के लिए नगर निगम की कार्यकारिणी ने दी सैद्धांतिक रूप से सशर्त स्वीकृति
वाराणसी,05 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धर्म नगरी काशी को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जल परिवहन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की तैयारी है। इसी क्रम में बहुप्रतीक्षित सामने घाट पर क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने सामने घाट स्थित दो एकड़ भूमि भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण को देने के लिए सैद्धांतिक रूप से सशर्त सहमति प्रदान कर दी है। शर्त यह है कि प्राधिकरण को इस बेशकीमती भूमि का किराया डीएम सर्किल रेट के आधार पर देना होगा, अन्यथा निर्मित होने वाले टर्मिनल भवन का एक फ्लोर निगम को आवंटित करना होगा। इससे निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और सरकारी संपत्तियों का उचित मुद्रीकरण सुनिश्चित हो सकेगा।
फिलहाल नगर निगम के इस निर्णय से न केवल क्रूज संचालन को व्यवस्थित आधार मिलेगा, बल्कि बनारस के पर्यटन और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है। आराजी संख्या 316/25 की दो एकड़ भूमि पर बनने वाला यह प्रोजेक्ट काशी को स्मार्ट सिटी से आगे बढ़कर एक ग्लोबल टूरिस्ट हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने मंगलवार को जारी की है। बताया गया कि यह टर्मिनल न केवल गंगा की लहरों पर पर्यटन को सुगम बनाएगा, बल्कि बनारस की अर्थव्यवस्था में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा। अभी तक अधिकांश क्रूज और नावों का संचालन मुख्य घाटों तक सीमित था, जिससे वहां भारी दबाव रहता था। इस टर्मिनल के बनने से गंगा के उस पार और सामने घाट क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे।
क्रूज संचालन, टर्मिनल प्रबंधन, और संबंधित सेवाओं (होटल, गाइड, परिवहन) के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यह टर्मिनल भविष्य में वॉटर टैक्सी और अन्य जल परिवहन सेवाओं के लिए मुख्य पड़ाव बनेगा, जिससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
सेवा बस्तियों का होगा कायाकल्प
नगर निगम ने शहर के सेवा बस्तियों (मलीन बस्तियों) का सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें शिवपुर स्थित कांशीराम आवास भी शामिल है। इन बस्तियों में सितंबर-अक्टूबर तक बिजली, सड़क, नाली और शुद्ध पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का का लक्ष्य है। वहीं, 67 लाख रुपये की लागत से ऐढ़े स्थित गौशाला के पीछे खाली जमीन पर नई चाहरदीवारी और गौशाला का निर्माण कराया जाएगा। गौशाला के विस्तार से निराश्रित गोवंश को बेहतर आश्रय मिल सकेगा।
परेड कोठी में 1.52 करोड़ की लागत से बनेगा पार्किंग स्थल
नगर निगम कार्यकारिणी ने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए कुछ प्रोजेक्टों का निर्माण अवस्थापना विकास निधि से कराने की हरी झंडी दी है। इसमें 98.,59 लाख रुपये की लागत से (नदेसर) दैनिक जागरण कार्यालय के पास रेलवे लाइन के किनारे नाला निर्माण, चौकीदार कक्ष और शौचालय बनाने के साथ-साथ परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य शामिल है। वहीं, कैंटोमेंट क्षेत्र में 44.96 लाख रुपये की लागत से चौकीदार कक्ष, शौचालय, सबमर्सिबल और नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। साथ ही करीब 1.52 करोड़ रुपये की लागत से परेड कोठी में पार्किंग, ऑफिस कक्ष, वर्कशॉप शेड और अन्य निर्माण कार्य कराए जाएंगे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी