वाराणसी के लोहता में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी 60 एमएलडी का प्लांट
—केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने दी हरी झंडी, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने परखी ग्राउंड रिपोर्ट
वाराणसी, 19 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में केंद्र व प्रदेश सरकार गंगा व वरुणा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास में जुटी है। इस क्रम में लोहता में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) की क्षमता की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
यहां एसटीपी बनने के साथ ही वरुणा में गिरने वाले 13 नाले को भी टैप किए जाएंगे। नाले टैप होने से मलजल सीधे वरुणा नदी में नहीं जाएगा। वरुणा गंगा की प्रमुख सहायक नदी है। वरुणा आदिकेशव घाट पर आकर गंगा नदी में मिलती है। ऐसे में एसटीपी बनने से गंगा व वरुणा दोनों नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने में कारगर साबित होने की संभावना है।
गुरूवार को यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी। बताया गया कि जल निगम की गंगा प्रदूषण इकाई ने करीब डेढ़ साल पहले सर्वे कराया था। सर्वे के बाद जलनिगम ने वर्ष 2037 तक शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए 1780.86 करोड़ की लागत से चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजा था। इसमें 308 करोड़ की लागत से भगवानपुर में 55 मिलियन लीटर पर डे (एमएलडी ) तथा 96 करोड़ की लागत से सूजाबाद में सात एमएलडी की क्षमता का एसटीपी बन रहा है। वहीं, अब लोहता में 60 एमएलडी के एसटीपी का भी मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।
—केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल लोहता के ग्राम बेदौली पहुंचे
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को यहां लोहता के ग्राम बेदौली का दौरा किया। केन्द्रीय मंत्री ने लोहता क्षेत्र से दुर्गा नाला के माध्यम से वरुणा नदी में गिर रहे अशोधित सीवेज को रोकने के लिए 60 एमएलडी क्षमता के नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को मंजूरी भी दी। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्वीकृत इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवित करना और नगरीय सीमा विस्तार के बाद बढ़ी गंदगी की समस्या को जड़ से खत्म करना है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों और निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्लांट का निर्माण कार्य पूरी तीव्रता और समन्वय के साथ सुनिश्चित किया जाए ताकि वरुणा और गंगा के प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य समय पर हासिल हो सके। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। बेदौली के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने भगवानपुर में नवनिर्मित 55 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का भी निरीक्षण किया। यहां अस्सी नाले से गंगा में प्रवाहित हो रहे अतिरिक्त सीवेज को रोकने के लिए बनाए गए 50 एमएलडी के मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) की कार्यप्रणाली को परखा गया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि डायवर्जन के कार्यों में तेजी लाएं और गुणवत्तापूर्ण ढंग से इसे पूरा करें ताकि वाराणसी के हर कोने का सीवेज शोधित होकर ही आगे बढ़े। इस मौके पर महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जल निगम के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी